कर्पूरासव बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

कर्पूरासव बनाने के लिए इन जड़ी- बूटियों की जरूरत होगी.

कपूर 40 ग्राम, मृत संजीवनी सुरा या रेक्टिफाइड स्पिरिट 500 मिलीलीटर, छोटी इलायची 10 ग्राम, नगरमोथा 10 ग्राम, सोंठ 10 ग्राम, अजवायन 10 ग्राम, दालचीनी 10 ग्राम, कालीमिर्च 10 ग्राम. सभी जड़ी- बूटियों को अधकुटा कर लें. अब किसी कांच के जार में सभी चीजों को डालकर मुख मुद्रा करके 1 माह के लिए छोड़ दें. एक माह बाद छानकर उसमें 500 मिलीलीटर सौंफ का अर्क डालकर बोतलों में भरकर सुरक्षित रखें.

कर्पूरासव के उपयोग एवं फायदे-

मात्रा- 5 से 10 मिलीलीटर 4- 4 घंटे बाद सौंफ के अर्क, पुदीना या अजवाइन अर्क के साथ या जरूरत अनुसार दिन में 2 बार सेवन करें.

कर्पूरासव पीने के फायदे-

  • कर्पूरासव अतिसार, प्रवाहिका, अजीर्ण को दूर करता है. कालरा यानी डायरिया में आधा-आधा घंटे में थोड़ा-थोड़ा देने से जादू जैसा काम करता है और रोगी कमजोर होने से, यहां तक कि मौत से भी बच जाता है.
कर्पूरासव बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे
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मैं आयुर्वेद चिकित्सक हूँ और जड़ी-बूटियों (आयुर्वेद) रस, भस्मों द्वारा लकवा, सायटिका, गठिया, खूनी एवं वादी बवासीर, चर्म रोग, गुप्त रोग आदि रोगों का इलाज करता हूँ।

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