अद्रकासव बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

अद्रकासव बनाने के लिए इन चीजों की जरूरत पड़ेगी.

अदरक का रस- 500ml.

घृतकुमारी का गुदा 500ml.

गुड़- 500 ग्राम.

पानी- 500ml.

अब गुड़ को पानी में घोलकर उबालें जब एक उबाल आ जाए तो आंच से उतारकर ठंढा कर लें अब सभी को बरनी ( घड़ा ) में डालकर मुखमुद्रा करके 1 महीने के लिए छोड़ दें. एक महीने बाद इसे छानकर बोतल में भरकर सुरक्षित रख लें.

अद्रकासव के उपयोग एवं फायदे-

मात्रा- 15 से 25 मिलीलीटर दिन में दो- तीन बार सेवन करें.

अद्रकासव पीने के फायदे-

  • अद्रकासव खांसी, दमा, उदर शूल, अजीर्ण, मन्दाग्नि नाशक है.
  • इसके सेवन से भूख अच्छी लगती है.
अद्रकासव बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे
  • सर्दी- जुकाम और जी मिचलाने की समस्या दूर करने के लिए भी अद्रकासव फायदेमंद है. यह सर्दी के बैक्टीरिया को मारकर सर्दी से राहत दिलाता है.
  • अद्रकासव भोजन को पेट से छोटी आंत में ले जाने की क्रिया को तेज कर देता है. पेट की अशुद्धियों को साफ करता है साथ ही मौसम सीकनेस से पीड़ित लोगों के लिए फायदेमंद है.
  • अदरक अपने एंटी इन्फ्लेमेटरी गुणों की वजह से जोड़ों में आई सूजन के साथ सूजन से होने वाली अन्य समस्याओं को भी आराम दिलाता है. इसमें एंटी ऑक्सीडेंट मौजूद है जो खून को बढ़ाने में मदद करता है.

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मैं आयुर्वेद चिकित्सक हूँ और जड़ी-बूटियों (आयुर्वेद) रस, भस्मों द्वारा लकवा, सायटिका, गठिया, खूनी एवं वादी बवासीर, चर्म रोग, गुप्त रोग आदि रोगों का इलाज करता हूँ।

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