बाजीकरण चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

बाजीकरण चूर्ण बनाने के लिए इन जड़ी बूटियों की आवश्यकता होगी.

सफेद मूसली- 25 ग्राम.

मुलेठी- 25 ग्राम.

छोटी इलायची-25 ग्राम.

अकरकरा-25 ग्राम.

गोखरू-25 ग्राम.

खरैटी-25 ग्राम.

खसखस-25 ग्राम.

सालम पंजा-25 ग्राम.

उरांगन बीज-25 ग्राम.

कौंच बीज-25 ग्राम.

नागकेसर-25 ग्राम.

बेदाना-25 ग्राम.

कबाबचीनी-25 ग्राम.

तालमखाना-25 ग्राम.

शतावर-25 ग्राम.

सोठ-25 ग्राम.

जावित्री-25 ग्राम.

जायफल-25 ग्राम.

दालचीनी-25 ग्राम.

लवंग-25 ग्राम.

काली मूसली-25 ग्राम.

शक्कर या मिश्री-300 ग्राम.

उपर्युक्त सभी जड़ी-बूटियों को अच्छी तरह से सुखाकर कूट पीसकर चूर्ण बनाकर कपड़े से छानकर सुरक्षित रखें.

बाजीकरण चूर्ण के उपयोग एवं फायदे-

मात्रा- 3 से 6 ग्राम दूध या पानी के साथ दिन में 2 बार सेवन करें.

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मैं आयुर्वेद चिकित्सक हूँ और जड़ी-बूटियों (आयुर्वेद) रस, भस्मों द्वारा लकवा, सायटिका, गठिया, खूनी एवं वादी बवासीर, चर्म रोग, गुप्त रोग आदि रोगों का इलाज करता हूँ।

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