नारसिंह चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

नारसिंह चूर्ण बनाने के लिए जड़ी- बूटियों की आवश्यकता होगी.

बराही कंद- 50 ग्राम.

शुद्ध भिलावा 100 ग्राम.

सफेद मूसली- 40 ग्राम.

दरियाई ताल मखाना- 40 ग्राम.

तिल- 40 ग्राम.

छोटी इलायची- 20 ग्राम.

दालचीनी- 20 ग्राम.

तेजपत्ता- 20 ग्राम.

चिताउर- 20 ग्राम.

विदारीकंद- 40 ग्राम.

गूरिच का सत्व- 40 ग्राम.

शतावर- 40 ग्राम.

गोखरू- 40 ग्राम.

शक्कर- 240 ग्राम

सभी को कूट पीसकर कपड़छान चूर्ण बनाकर सुरक्षित रख लें.

नारसिंह चूर्ण के उपयोग एवं फायदे-

मात्रा- 3 से 6 ग्राम की मात्रा में सुबह- शाम 6 ग्राम घी और 12 ग्राम शहद मिलाकर सेवन करें और ऊपर से गाय का दूध पियें.

नारसिंह चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

नारसिंह चूर्ण के फायदे-

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मैं आयुर्वेद चिकित्सक हूँ और जड़ी-बूटियों (आयुर्वेद) रस, भस्मों द्वारा लकवा, सायटिका, गठिया, खूनी एवं वादी बवासीर, चर्म रोग, गुप्त रोग आदि रोगों का इलाज करता हूँ।

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