सारिवादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

सारिवादि चूर्ण बनाने के लिए जड़ी- बूटियों की आवश्यकता होगी.

सारिवा- 10 ग्राम.
चोपचीनी- 10 ग्राम.
अश्वगंधा- 10 ग्राम.
सत्यानाशी- 10 ग्राम.
अकवन मूल का छाल- 10 ग्राम.
सभी को कूट पीसकर कपड़े से छानकर चूर्ण को सुरक्षित रख लें.

सारिवादि चूर्ण के उपयोग एवं फायदे-

मात्रा- 2 से 3 ग्राम दूध या पानी के साथ आवश्यकता अनुसार दिन में दो- तीन बार सेवन करें.
सारिवादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

सारिवादि चूर्ण के फायदे-

* सारिवादि चूर्ण संधिवात, जोड़ों में दर्द, जोड़ों में सूजन को दूर करने में अति गुणकारी है.
* फिरंग रोग के लिए भी बहुत ही उपयोगी चूर्ण है.
* यह चूर्ण गर्दन, रीढ़ की हड्डी, नसों में खिचाव होने पर सेवन करने से अच्छा लाभ होता है.
Share on:

मैं आयुर्वेद चिकित्सक हूँ और जड़ी-बूटियों (आयुर्वेद) रस, भस्मों द्वारा लकवा, सायटिका, गठिया, खूनी एवं वादी बवासीर, चर्म रोग, गुप्त रोग आदि रोगों का इलाज करता हूँ।

Leave a Comment