शास्त्रों के अनुसार कैसे घर में होता है दरिद्रता का वास, झेलनी पड़ती है गरीबी

वास्तु टिप्स- हर किसी की चाहत होती है कि वह गरीबी का जीवन यापन न करें और गरीबी से बाहर निकलने के लिए जी तोड़ मेहनत भी करता है, काफी मेहनत करने के बावजूद भी कई बार कई कारणों से दरिद्रता हमारा पीछा नहीं छोड़ती है जबकि हम दिन रात गरीबी से निकलने के लिए मेहनत करते हैं फिर भी हम उस मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं कर पाते हैं. इसके पीछे जाने- अनजाने हमारे घर में भी कई कारण होते हैं जो हमें गरीबी से निकलने में बाधक बनते हैं.

आज हम इस लेख के माध्यम से शास्त्रों के अनुसार कुछ ऐसे ही कारणों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके कारण दरिद्रता हमारा पीछा नही छोड़ती है और हम गरीबी के बाहर नहीं निकल पाते हैं.

तो चलिए जानते हैं उन कारणों के बारे में-

रसोईघर में जूठे बर्तन रखना-

अक्सर लोग रात का खाना खाने के बाद बर्तन को साफ नहीं करते हैं बल्कि उसे ऐसे ही छोड़ देते हैं. शास्त्रों के अनुसार अगर हम रात को रसोईघर में जूठे बर्तन रखकर सोते हैं तो हमारे घर में दरिद्रता का वास होता है. इसलिए हमें रात को अपना रसोईघर पूरा साफ- सुथरा करके सोना चाहिए. क्योंकि रसोईघर में जूठे बर्तन रखने से लक्ष्मी का वास नहीं होता है.

कांटेदार पौधे लगाना-

शास्त्रों के अनुसार कैसे घर में होता है दरिद्रता का वास, झेलनी पड़ती है गरीबी
शास्त्रों के अनुसार कैसे घर में होता है दरिद्रता का वास, झेलनी पड़ती है गरीबी

अक्सर लोग घर में कई पौधे खूबसूरती बढ़ाने के लिए लगाते हैं. इनमें कुछ पौधे ऐसे होते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के साथ-साथ वास्तु दोष को दूर करने में भी हमारी मदद करते हैं. लेकिन शास्त्रों के अनुसार जिस घर में कांटेदार पौधे लगे होते हैं वहां भी दरिद्रता का वास होता है. इसलिए हमें कांटेदार पौधे जैसे कि गुलाब, कैक्टस इत्यादि कांटेदार पौधों को घर से बाहर लगाना चाहिए.

ग्रह क्लेश-

जिस घर में ग्रह क्लेश रहता है उस घर में दरिद्रता का वास होता है. इसलिए घर में लड़ाई- झगड़ा नहीं करना चाहिए. घर के हर सदस्य को आपस में मिल- जुल कर रहना चाहिए. क्योंकि जिस घर में हमेशा लड़ाई- झगड़ा होते रहते हैं वहां लक्ष्मी का वास नहीं होता है.

संध्या दीपदान-

जिस घर में संध्या के समय अंधेरा रहता है और दीपक नहीं जलता है वहां पर भी दरिद्रता का वास होता है. इसलिए शाम के समय एक बार हमें पूरे घर में प्रकाश करना चाहिए और भगवान का कीर्तन- भजन करना चाहिए.

साफ- सफाई-

कई लोग घर के साफ- सफाई का ध्यान नहीं रखते हैं. शास्त्रों के अनुसार जिस घर में गंदगी रहती है वहां पर भी दरिद्रता का वास होता है इसलिए यदि आप सुख- समृद्धि चाहते हैं तो अपने घर में पूर्णतया सफाई रखनी चाहिए और कहीं भी जाले इत्यादि नहीं लगने देना चाहिए.

मैले वस्त्र पहनना-

कई लोग ऐसे हैं जो वस्त्रों की साफ- सफाई पर ध्यान नहीं देते हैं और मैले- कुचैले ऐसे वस्त्र भी धारण कर लेते हैं ऐसे कपड़े पहनना सेहत को तो नुकसान पहुचता ही है. अगर शास्त्रों की माने तो जो लोग मैले वस्त्र धारण करके रहते हैं उनके यहां भी दरिद्रता का वास होता है इसलिए हमेशा स्वच्छ वस्त्र धारण करके रहना चाहिए.

पूजा घर का साफ- सफाई नहीं रखना-

लगभग सभी के घरों में एक स्थान होता है जहां देवी- देवताओं की प्रतिमा रखकर पूजा की जाती है. उस स्थान को घर का मंदिर कहा जाता है. शास्त्रों के अनुसार जिस घर में पूजा का स्थान साफ- सुथरा नहीं होता है वहां भी दरिद्रता वास करती है. इसलिए हमें अपनी पूजा घर के साफ- सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए.

सूर्योदय के बाद उठना-

सूर्योदय से पहले उठना जहां स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है वही सुख- समृद्धि लाने का भी काम करता है. शास्त्रों के अनुसार जो लोग सूर्योदय के बाद उठते हैं वहां भी दरिद्रता निवास करती है इसलिए हमें प्रातः काल जल्दी उठना चाहिए क्योंकि देर से उठने पर माता लक्ष्मी हमसे रूठ जाती है.

आपके घर में लक्ष्मी का स्थाई निवास हो और दरिद्रता आपके घर पर दूर रहे. इसी मनोकामना के साथ अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो कृपया इस लेख को शेयर करें. धन्यवाद.

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मैं आयुर्वेद चिकित्सक हूँ और जड़ी-बूटियों (आयुर्वेद) रस, भस्मों द्वारा लकवा, सायटिका, गठिया, खूनी एवं वादी बवासीर, चर्म रोग, गुप्त रोग आदि रोगों का इलाज करता हूँ।

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