गंजे सिर पर बाल उगाने के आयुर्वेदिक उपाय ganje sir par bal ugane ke ayurvedik upay

Helth desk- वात और पित्त कुपित होकर रोम कूपों में जाते हैं तो बाल झड़ने लगते हैं और धीरे-धीरे आदमी गंजा होता चला जाता है. या एक प्रकार का सुक्ष्म जंतु ( विषाणु ) होता है जिसे बालचर कहते हैं. यह सिर के रोम या दाढ़ी, मूछ या अन्य भागों में या शरीर में उगता है तो वहां से बाल एकदम झड़ जाते हैं और वह भाग एकदम त्वचा के समान हो जाता है. यह बालचर धीरे-धीरे पूरे सिर के, दाढ़ी के, मूंछ के सब बाल गिरा देता है. जहां-जहां यह जंतु लगता है उस जगह फिर बाल नहीं उगते होते हैं. ganje sir par bal ugane ke ayurvedik upay

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गंजेपन दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय- ganje sir par bal ugane ke ayurvedik upay

1 .काकमाची तेल लगावें. इसके लगाने से पहले सिर में छोटी-छोटी गाठें निकलेगी. उसकी चिंता ना करें, फिर उसमें बाल निकलेंगे. यह तेल लगाने से दो-तीन माह में ही पूर्ण लाभ होता है. सिर, दाढ़ी, मूछ आदि कहीं भी बाल झड़ गए हो तो अवश्य निकलेंगे यह अति उत्तम योग है.

2 .अंडे का तेल लगावें. इसके लिए 10 अंडों की पिली तिकड़ी को बर्तन में डालकर हल्के आंच पर रखकर चलावें तो थोड़े ही समय में बर्तन में तेल निकल आएगा. उसे छानकर बाल झड़े हुए स्थान पर लगाने से फिर से बाल उगने लगते हैं.

3 .हाथी दांत की भस्म और रसांजन बकरी के दूध में मिलाकर लेप करने से भी धीरे-धीरे बाल उगने लगते हैं और गंजापन दूर हो जाता है.

4 .माजूफल का चूर्ण पानी में मिलाकर लेप करने से झड़े हुए बाल फिर से उग आते हैं.

5 .दही 10 ग्राम, एलवा 1 ग्राम को तांबे के पात्र में डाल कर रखें. 8-10 घंटे ऐसे ही रहने दें. इसके बाद जहां बाल उगाना है वहां लेप करें.

6 .नाथानी भलान्तक तेल कपास से उस जगह पर लगाएं और सफामृत लौह दूध के साथ सेवन करें. इनके प्रयोग से झड़े हुए बाल फिर से उग आते हैं.

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मैं आयुर्वेद चिकित्सक हूँ और जड़ी-बूटियों (आयुर्वेद) रस, भस्मों द्वारा लकवा, सायटिका, गठिया, खूनी एवं वादी बवासीर, चर्म रोग, गुप्त रोग आदि रोगों का इलाज करता हूँ।

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