जानिए- पूरे शरीर में दर्द होने के कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय

हेल्थ डेस्क- पूरे शरीर में दर्द होना एक आम समस्या है जो मौसम बदलने के साथ कभी-कभी हो जाता है. लेकिन यही दर्द लंबे समय तक बना रहता है तो परेशानी होने लगती है. यदि शरीर के किसी एक हिस्से में दर्द हो तो बर्दाश्त भी किया जा सकता है या उससे जल्द छुटकारा पाया जा सकता है. लेकिन पूरे शरीर में हमेशा दर्द का होना अपने आप में बहुत बड़ी समस्या है. कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें शरीर के लगभग हर हिस्से में दर्द होता है. ऐसे लोगों को पैरों में दर्द, गर्दन में दर्द, पीठ में दर्द, कमर में दर्द, सभी जोड़ों मे दर्द की शिकायत बनी रहती है. वैसे लोग अक्सर यह कहते हुए भी आते हैं कि उनके पूरे शरीर में ही दर्द है. लेकिन समस्या इस बात की है कि उन्हें अपने पूरे शरीर में होने वाले दर्द की ना वजह पता होती है और ना ही उनका समाधान. आज हम आपको एक लेख के माध्यम से पूरे शरीर में दर्द होने के कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय के बारे में जानेंगे.

जानिए- पूरे शरीर में दर्द होने के कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय
जानिए- पूरे शरीर में दर्द होने के कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय

दर्द कितने प्रकार के होते हैं ?

शरीर में होने वाले दर्द चार प्रकार के होते हैं जिसके बारे में जानना जरूरी है.

1 .फिजियोलॉजिकल पेन- इस प्रकार का दर्द किसी भी तरह के चोट लगने के कारण होता है या फिर बाहरी दिक्कत के कारण भी हो सकता है.

2 .न्यूरोपैथिक पेन- नसों में दर्द होने को न्यूरोपैथिक पेन कहा जाता है.

3 .इन्फ्लेमेटरी पेन- यह दर्द कमर, घुटने या अन्य जोड़ों आदि में हो सकता है जिसे इन्फ्लेमेटरी पेन कहा जाता है.

4 .डिस्फंक्शनल पेन- इस स्थिति में दर्द तो होता है लेकिन उसकी वजह समझ में नहीं आ पाती है यह दर्द शरीर के किसी भी हिस्से में अचानक उठता है और बहुत तेज दर्द होता है.

पूरे शरीर में दर्द होने के कारण और लक्षण-

पूरे शरीर में दर्द की बात की जाए तो इसमें शरीर के कई हिस्से आते हैं जैसे- पैरों में दर्द, घुटनों में दर्द, कमर में दर्द, गर्दन में दर्द, पीठ में दर्द शामिल हैं. लेकिन इनके कारण बहुत कम लोगों को पता होते हैं तो आइए जानते हैं शरीर के अलग-अलग हिस्सों में दर्द होने के पीछे के कारण और लक्षणों के बारे में.

कमर में दर्द होना-

कमर में दर्द दो तरह के होते हैं जो अचानक से होता है उसे एक्यूट पेन कहा जाता है और जो दर्द काफी समय से हो रहा होता है उसे क्रॉनिक पेन कहा जाता है. कमर में पहली तरह का दर्द यानी एक्यूट पेन होने का कारण होता है कि किसी भारी वजन की वस्तु को उठाना या किसी कारण से नसों में खिंचाव होना, इस तरह के दर्द में ऐसा लगता है कि कमर में कुछ चुभ रहा है. लोग ऐसे दर्द में आराम कर लेते हैं या सिकाई से इसमें राहत पा लेते हैं और कुछ समय में यह दर्द चला जाता है. वहीं अगर क्रॉनिक पेन हो जाए तो यह ज्यादा दिनों तक परेशान करता है और इसका सही तरह से इलाज कराना भी जरूरी हो जाता है नहीं तो ऐसे में दर्द के कारण व्यक्ति आगे की तरफ झुकने लगता है.

गर्दन में दर्द होना-

गर्दन का दर्द अधिकतर युवाओं में देखने को मिलता है. इसका सबसे बड़ा कारण सर्वाइकल स्पांडिलाइसिस होता है. अगर समय पर इस दर्द का इलाज नहीं कराया जाए तो धीरे-धीरे यह दर्द समय पर इलाज न करवाने पर बढ़ता चला जाता है और हाथ और कमर तक भी पहुंच जाता है. इस प्रकार के दर्द में रीड की हड्डी धीरे-धीरे सूजने लगती है और उसमें अकड़न आने लगती है. ऐसे दर्द को इनक्रॉसिंग स्पांडिलाइसिस कहा जाता है. इसके अलावा ऐसे लोग जिनकी गर्दन के पीछे हल्की सी उठी हुई दिखती है उन्हें डिसक्वर्ल्ड होता है. डिसक्वर्ल्ड में हड्डी का शेप गलत पोस्चर में बैठने से बदल जाता है. इस स्थिति से पीड़ित व्यक्ति को अक्सर तेज दर्द होता है. अगर इनमें से आपको कोई भी समस्या है तो गर्दन को ज्यादा आगे की ओर झुकाने से बचें.

घुटनों में दर्द होना-

आजकल घुटनों में दर्द होना एक आम समस्या हो गई है. घुटनों में दर्द वजन बढ़ने के कारण भी हो सकता है. घुटने में दर्द होने पर एक्सरसाइज करना लाभदायक होता है. एक्सरसाइज करने से आपकी मांसपेशियां मजबूत होती है और आपको दर्द से आराम मिलता है.

जोड़ों में दर्द –

जोड़ों में दर्द आजकल ज्यादातर लोगों को हो रही है. जोड़ों में दर्द होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे- चोट का लगना, वजन का अधिक होना, व्यायाम या किसी तरह का शारीरिक गतिविधि वाला काम नहीं करना. शरीर में कैल्शियम या विटामिन डी की कमी होना, गलत तरीके से सोना, बैठना या चलना, ज्यादा देर तक एक जगह बैठे या खड़े रहना, कई घंटों तक गाड़ी चलाना, एयर कंडीशनर में अधिक समय बिताना, जंक फूड और कोल्ड ड्रिंक का अधिक सेवन करना, मुलायम तकिए का इस्तेमाल नहीं करना आदि के कारण जोड़ों में दर्द की समस्या हो जाती है.

पूरे शरीर के दर्द से राहत पाने के घरेलू उपाय-

1 .अदरक-

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पूरे शरीर के दर्द को दूर करने में अदरक बहुत ही उपयोगी चीज है. अदरक में एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण पाया जाता है जो शरीर में हो रहे दर्द को प्राकृतिक तरीके से दूर करने में मदद करता है. यह रक्तचाप में भी सुधार करता है. अदरक की बनी हुई चाय पीने से मांस पेशियों के दर्द से आराम मिलती है. इसके अलावा आप अदरक को बारीकी से पिसने के बाद उसे हल्का गर्म कर सकते हैं और किसी सूती कपड़े में लपेटकर दर्द से प्रभावित हिस्से पर सिकाई कर सकते हैं. इस उपचार से आपको आराम मिलेगी लेकिन इस उपचार को नियमित दिन में दो-तीन बार दो-तीन दिनों तक करना होगा.

2 .हल्दी-

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हर किचन में इस्तेमाल होने वाला हल्दी के औषधीय गुणों से भरपूर होता है. हल्दी प्राकृतिक पेन किलर की तरह काम करता है. पूरे शरीर में दर्द होने पर हल्दी को दूध में मिलाकर पीने से दर्द से आराम मिलता है. वहीं यदि चोट लगने के कारण दर्द हो तो हल्दी का पेस्ट बनाकर चोट वाले हिस्से पर लगाने से राहत मिलता है.

3 .दालचीनी-

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जोड़ों के दर्द को दूर करने में दालचीनी रामबाण की तरह कारगर है क्योंकि इसमें एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं जिसके कारण आर्थराइटिस के दर्द में काफी राहत देता है. दर्द से राहत पाने के लिए एक कप गुनगुने पानी में आधा चम्मच दालचीनी पाउडर और एक चम्मच शहद मिलाकर प्रभावित हिस्से पर मालिश कर लें. इससे दर्द से राहत मिलती है.

4 .सरसों का तेल-

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सरसों का तेल 100 ग्राम अजवाइन आधा चम्मच और लहसुन की 8-10 कलियां को मिलाकर तेल को गर्म करें जब लहसुन और अजवाइन जल जाए तो इसमें थोड़ा सा कपूर मिलाकर सुरक्षित रखें. अब दर्द वाले हिस्से पर गुनगुना करके इस तेल को मालिश करें. इससे दर्द से काफी आराम मिलेगा.

पूरे शरीर के दर्द से राहत पाने के आयुर्वेदिक उपाय-

1 .मेथी पाक-

5 ग्राम की मात्रा में सुबह- शाम गाय के दूध के साथ सेवन करें.

2 .रसोनादी वटी-

एक से दो गोली सुबह- शाम पानी के साथ सेवन करें.

3 .महायोगराज गुग्गुल-

एक से दो गोली सुबह- शाम पानी के साथ सेवन करें.

4 .महारास्नादि क्वाथ-

उपर्युक्त तीनों दवा खाने के बाद 10 से 20 मिलीलीटर महारास्नादि क्वाथ को पिएं. इसका नियमित कुछ दिनों तक सेवन करने से पूरे शरीर के दर्द से छुटकारा मिलता है. चाहे वह जोड़ों का दर्द हो, हड्डियों का दर्द हो, सायटिका हो या नसों का दर्द हो. यह दर्द को दूर करने के लिए रामबाण आयुर्वेदिक औषधि है.

नोट- यह लेख शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है. किसी भी प्रयोग से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह जरूर लें. धन्यवाद.

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मैं आयुर्वेद चिकित्सक हूँ और जड़ी-बूटियों (आयुर्वेद) रस, भस्मों द्वारा लकवा, सायटिका, गठिया, खूनी एवं वादी बवासीर, चर्म रोग, गुप्त रोग आदि रोगों का इलाज करता हूँ।

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