Diabetes- डायबिटीज सहित कई जटिल बीमारियों की रामबाण औषधि है कलौंजी, जाने इसके फायदे और इस्तेमाल करने के तरीके

हेल्थ डेस्क- हर किचन में मसाले के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली कलौंजी डायबिटीज ही नहीं बल्कि कई जटिल बीमारियों को दूर करने में असरदार है. इसका इस्तेमाल औषधि की तरह की जा सकती है.

क्या होती है कलौंजी ? What is Kalonji?

कलौंजी रानुनकुलस प्रजाति का झाड़ीदार पौधा होता है. जिसका वानस्पतिक नाम निजैला सेटाइवा है. इसे कलौंजी, काला बीज, मंगरेला, आशीष के बीज भी कहते हैं. यह मुख्य रूप से दक्षिण- पश्चिम एशिया में अधिक पाया जाता है हालांकि इसकी खेती लगभग समस्त भारत में की जाती है. यह एक काले रंग का बीज होता है इसका पौधा लगभग 20 से 30 सेंटीमीटर का होता है. कलौंजी का इस्तेमाल आप सब्जी, सलाद, आटे, पुलाव और अन्य कई खाद्य पदार्थ में कर सकते हैं. इसका अधिक उपयोग अचार में किया जाता है.

आयुर्वेद में कलौंजी का क्या महत्व है ?

कलौंजी एक आयुर्वेदिक औषधि है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर शरीर को कई बीमारियों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है. आयुर्वेदिक चिकित्सा में कलौंजी का तेल कई तरह की बीमारियों से लड़ने में मदद करता है. इसमें शरीर से खराब कोलेस्ट्रोल निकालने के गुण होते हैं. यह डायबिटीज को नियंत्रित रखती है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो कैंसर जैसी घातक बीमारियों से हमारे शरीर की रक्षा करते हैं. इसके सेवन से पेट के कीड़े, लीवर की समस्या, रक्त और त्वचा से जुड़ी समस्याएं दूर होती है.

कलौंजी के फायदे और इस्तेमाल करने के तरीके-Benefits and uses of kalonji-

1 .दिमाग को देता है ताकत-

कलौंजी के बीजों को शहद के साथ मिलाकर सेवन करने से बुद्धि तेज होती है. दिमाग के बेहतर कार्य के लिए इसे प्रतिदिन खाली पेट सेवन करना चाहिए. बुढ़ापे में कमजोर याददाश्त को सुधारने के लिए भी इसका सेवन करना काफी मददगार होता है. आयुर्वेद में पुदीने की पत्तियों के साथ कलौंजी के बीजों का सेवन करने की सलाह देता है. जो याददाश्त को बढ़ा सकते हैं और अल्जाइमर रोग जैसे तंत्रिका संबंधी विकारों को रोक सकते हैं.

2 .डायबिटीज के लिए है फायदेमंद-

Diabetes- डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद है कलौंजी, जाने सेवन करने की विधि
Diabetes- डायबिटीज सहित कई जटिल बीमारियों की रामबाण औषधि है कलौंजी, जाने इसके फायदे और इस्तेमाल करने के तरीके

कलौंजी टाइप-2 डायबिटीज में ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में काफी मददगार होता है. मधुमेह के रोगी आकर्षक परिणामों के लिए खाली पेट काली चाय के साथ कलौंजी तेल का सेवन कर सकते हैं. उच्च रक्त शर्करा कई नकारात्मक लक्षण पैदा कर सकता है जिसमें प्यास का अधिक लगना, वजन का कम होना, थकान और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई शामिल है. लंबे समय में अनियंत्रित छोड़ दिया गया उच्च रक्त शर्करा और भी गंभीर परिणाम दे सकता है जैसे तंत्रिका क्षति, दृष्टि में परिवर्तन और घाव भरने में देरी होना. ऐसे में कुछ सबूत बताते हैं कि कलौंजी रक्त शर्करा को स्थिर रखने में मदद कर सकता है और इस तरह इन खतरनाक दुष्प्रभावों को रोक सकता है.

3 .दिल की बीमारियों से करता है बचाव-

कलौंजी दिल के लिए काफी फायदेमंद होता है. यह आपके शरीर में खराब कोलेस्ट्रोल के स्तर को नियंत्रित करके आपके दिल को स्वस्थ रखता है. इसके लिए आपको नियमित रूप से दूध के साथ कलौंजी के तेल का सेवन करना चाहिए.

4 .सूजन को करता है कम-

कलौंजी के बीजों में एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो विभिन्न पुरानी सूजन का इलाज करने में मददगार होते हैं. यह जोड़ों के बीच चिकनाई प्रदान करता है. यह जोड़ों के दर्द को ठीक करने के लिए भी जाना जाता है. आयुर्वेद सूजन को कम करने के लिए प्रतिदिन कलौंजी के तेल का सेवन करने की सलाह देता है. इसके लिए आप प्रतिदिन एक चम्मच कलौंजी के तेल को दूध में मिलाकर पी सकते हैं.

ज्यादातर मामलों में सूजन एक सामान्य प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया है जो शरीर को चोट और संक्रमण से बचाने में मदद करती है. दूसरी तरफ पुरानी सूजन को कैंसर, मधुमेह और हृदय रोग जैसी कई तरह की बीमारियों में योगदान देने के लिए माना जाता है.

5 .ब्लड प्रेशर को करता है नियंत्रित-

यह आपके ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मददगार होता है जो लोग उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं उन्हें एक चम्मच कलौंजी के तेल को गुनगुने पानी के साथ सेवन करना लाभदायक होता है.

6 .दातों को बनाता है मजबूत-

कलौंजी सिर्फ आपके दातों को ही मजबूत नहीं बनाता है बल्कि समग्र मौखिक स्वास्थ जैसे कि मसूड़ों से खून आना, कमजोर दांतो के लिए फायदेमंद होता है. दांतों के दर्द को दूर करने के लिए कलौंजी रामबाण औषधि है. मुंह के बेहतर स्वास्थ्य के लिए आधा चम्मच कलौंजी का तेल एक कप दही में मिलाकर अपने मसूड़ों और दांतों पर दिन में दो बार लगाएं.

7 .अस्थमा से दिलाता है राहत-

आजकल बढ़ते प्रदूषण के कारण अस्थमा की बीमारी आम हो गई है. कलौंजी अस्थमा से पीड़ित लोगों के लिए बहुत ही शक्तिशाली औषधि है. इसके लिए गर्म पानी में कलौंजी का तेल और शहद मिलाकर प्रतिदिन पीना चाहिए.

8 .वजन घटाने में है मददगार-

आज के समय में मोटापा एक आम समस्या बन गई है. जिससे काफी लोग परेशान रहते हैं. ऐसे में कलौंजी वजन को कम करने में काफी मददगार हो सकता है. कलौंजी का सेवन शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मदद करती है. रिसर्च के अनुसार कलौंजी के बीजों को गर्म पानी के साथ सेवन करने से लाभ होता है.

9 .कोलेस्ट्रोल को करता है कम-

कोलेस्ट्रोल एक चर्बी जैस पदार्थ है जो आपके पूरे शरीर में पाया जाता है. जबकि आपको कुछ कोलेस्ट्रोल की आवश्यकता होती है. कुछ मात्रा में आपके रक्त में निर्माण हो सकता है और हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है. कलौंजी को कोलेस्ट्रोल कम करने में विशेष रूप से प्रभावी दिखाया गया है. कलौंजी कोलेस्ट्रोल वाले लोगों के लिए वरदान साबित हो सकती है. जिन लोगों को हाई कोलेस्ट्रोल की समस्या है उन्हें प्रतिदिन 2 ग्राम कलौंजी लगातार तीन महीने तक गर्म पानी के साथ सेवन करना चाहिए.

हाई कोलेस्ट्रोल के कारण कई सारी समस्याएं आ सकती है. यह आप अच्छी तरह जानते होंगे. इससे व्यक्ति को हार्टअटैक भी हो सकता है तो कलौंजी आपको हार्ड अटैक से बचाती है. इसलिए इसे मामूली मसाला समझने की भूल ना करें. इसे एक बहुत तगड़ी दवा समझें. आप कलौंजी को पानी में भिगोकर खाली पेट खा सकते हैं या फिर दिन में किसी भी समय इसका सेवन कर सकते हैं.

10 .मुहासे की समस्या को करता है खत्म-

कलौंजी का तेल आपकी त्वचा को चिकना और कोमल बनाए रखने में मददगार होता है. यह विशेष रूप से सर्दियों के मौसम में काफी प्रभावी होता है. जब ठंडी और कठोर हवा आपकी त्वचा को अस्वस्थ और शुष्क बना देती है कलौंजी का तेल लगाने से दाग- धब्बे और मुंहासों की समस्या खत्म हो जाती है.

11 .सिर दर्द से दिलाता है राहत-

आजकल के बढ़ते तनाव के कारण सिर दर्द का होना एक आम समस्या हो गया है. ऐसे में कलौंजी के तेल को माथे पर लगाकर हल्की मसाज करने से सिर दर्द से छुटकारा मिलता है.

12 .खांसी और जुकाम से दिलाता है छुटकारा-

यदि आप खांसी की समस्या से परेशान हैं तो चाय या कॉफी में कलौंजी तेल की कुछ बूंदे मिलाकर सेवन करें. यह तंत्रिका तंत्र, सूखी खांसी, अस्थमा और अल्प श्वसन संबंधी शिकायतों को शांत करने में मददगार होता है.

13 .फटी एड़ियों के लिए-

अपने पैरों को एक चम्मच कलौंजी के तेल और नींबू के रस वाले गर्म पानी में भिगोकर खूबसूरत बना सकते हैं. यह आपकी फटी एड़ियों को तेजी से ठीक करने में मदद करता है. यदि आप शुद्ध कलौंजी के तेल को संभाल कर रखते हैं तो आप इसका उपयोग फटी एड़ियों के इलाज के लिए भी कर सकते हैं.

14 .त्वचा और बालों के लिए है रामबाण-

हर किसी की चाहत होती है कि उसकी त्वचा और बाल खूबसूरत रहे और इसके लिए वे हर संभव प्रयास करते हैं आप भी ऐसा चाहते हैं तो कलौंजी आपकी मदद कर सकता है. यह स्वस्थ त्वचा और बालों को बनाए रखने में मदद करता है. दमकती त्वचा के लिए आप कलौंजी का तेल और नींबू का रस इस्तेमाल कर सकते हैं. कलौंजी आपके बालों को मजबूत बनाने और झड़ने से रोकने के लिए पोषक तत्व प्रदान करता है. इसके लिए एक चम्मच कलौंजी के तेल में आधा चम्मच नींबू का रस मिलाकर बालों की मसाज करें.

नोट- यह लेख शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है. किसी भी बीमारी के इलाज का विकल्प नहीं है. इसलिए किसी भी प्रयोग से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह जरूर लें. धन्यवाद.

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मैं आयुर्वेद चिकित्सक हूँ और जड़ी-बूटियों (आयुर्वेद) रस, भस्मों द्वारा लकवा, सायटिका, गठिया, खूनी एवं वादी बवासीर, चर्म रोग, गुप्त रोग आदि रोगों का इलाज करता हूँ।

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