शरीर में विटामिन ए की कमी के क्या लक्षण हैं ? जाने पूर्ति करने के घरेलु उपाय

हेल्थ डेस्क- हमारे शरीर को मजबूत और स्वस्थ रहने के लिए कई तरह की विटामिन और मिनरल्स की आवश्यकता होती है. उन्हीं विटामिनों में से एक है विटामिन ए जो हमारे शरीर को कई प्रकार की समस्याओं से रक्षा करता है. विटामिन ए की कमी से हमें कई प्रकार के रोग हो सकते हैं. आइए हम इस लेख के माध्यम से विटामिन के की कमी से होने वाले रोग और इसके लक्षण क्या है और विटामिन ए की पूर्ति शरीर में कैसे किया जाए के बारे में बात करेंगे.

शरीर में विटामिन ए की कमी के क्या लक्षण हैं  जाने पूर्ति करने के घरेलु उपाय
शरीर में विटामिन ए की कमी के क्या लक्षण हैं जाने पूर्ति करने के घरेलु उपाय

शरीर में विटामिन ए की कमी से होने वाले रोग या लक्षण-

1 .किसी भी घाव को भरने में ज्यादा समय लगना.

2 .चेहरे पर मुंहासे निकलना.

3 .हड्डियां कमजोर होना.

4 .धोखा या गले का संक्रमण होना.

5 .महिलाओं को गर्भधारण करने में परेशानी होना.

6 .आंखों की समस्या जैसे- रतौंधी होना, आँखों की रोशनी कमजोर होना.

7 .त्वचा का रूखी हो जाना.

8 .रोग प्रतिरोधक क्षमता का कमजोर होना.

9 .आंखों में जलन होना.

10 .होठों का फटना.

11 .कमजोरी महसूस होना.

12 .त्वचा संबंधी रोग होना जैसे कटैला- जो त्वचा पर काटेदार फुंसी होती है.

शरीर में विटामिन ए की कमी को दूर करने के घरेलू उपाय-

1 .करें पालक का सेवन-

पालक अन्य विटामिनों के साथ विटामिन ए का भी बेहतर स्रोत माना जाता है क्योंकि इसमें विटामिन ए प्रचुर मात्रा में पाई जाती है इसलिए यदि आप विटामिन ए की कमी से जूझ रहे हैं तो आपको नियमित पालक का सेवन करना चाहिए.

2 .करें खरबूजा का सेवन-

गर्मी के मौसम में खरबूजे का सेवन करना हर किसी को पसंद होता है लेकिन खरबूजा में विटामिन ए की भी प्रचुर मात्रा पाई जाती है. इसलिए अगर आप इसका सेवन करते हैं तो इसी से विटामिन ए की कमी दूर होती है.

3 .करें गाजर का सेवन-

गाजर में विटामिन ए प्रचुर मात्रा में पाई जाती है इसलिए इसका सेवन करने से विटामिन ए की कमी को पूरा किया जा सकता है. इसके लिए प्रतिदिन एक गिलास गाजर का जूस पीना चाहिए या फिर आप ऐसे भी खा सकते हैं.

4 .करें शकरकंद का सेवन-

विटामिन ए की कमी होने पर शकरकंद का सेवन करना लाभदायक होता है क्योंकि इसमें विटामिन ए प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. इसलिए अगर विटामिन ए की कमी होने पर शकरकंद का सेवन करते हैं तो इससे विटामिन ए की कमी दूर हो जाती है.

5 .करें पपीते का सेवन-

पपीता में भी विटामिन ए प्रचुर मात्रा में पाया जाता है इसलिए अगर आप विटामिन ए की कमी का लक्षण महसूस कर रहे हैं तो आपको नियमित पपीते का सेवन करना चाहिए. यह विटामिन ए की कमी को दूर करने के साथ ही और कई स्वास्थ्य लाभ पहुंचाता है.

6 .विटामिन ए का बेहतर स्रोत-

विटामिन ए के बेहतर स्रोत हैं- विटामिन ए मुख्य रूप से कॉड लिवर आयल, अंडा, फोर्टीफाइड, अनाज, हरि और पत्तेदार सब्जियां, नारंगी और पीली सब्जियों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. भोजन में हरी सब्जियों और फलों को नियमित शामिल करते हैं तो आपके शरीर में भी विटामिन ए की कमी को आसानी से पूरा किया जा सकता है. इसके साथ ही दही, सोयाबीन, ब्रोकली, साबुत, अनाज, धनिया, आम, शलगम और चुकंदर, राजमा, बींस, कद्दू इत्यादि का सेवन करके विटामिन एक ही कमी को दूर किया जा सकता है.

विटामिन ए से हमारे शरीर को क्या लाभ होता है ?

1 .विटामिन हमारे शरीर के कोशिकाओं को होने वाले नुकसान को कम करता है. विटामिन ए में एंटीऑक्सीडेंट मौजूद रहता है. जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाये रखता है जिससे कई रोगों से हमारा शरीर बचा रहता है.

2 .विटामिन ए शरीर की मुक्त कणों को टूटने से बचाता है. इससे शरीर में किसी भी प्रकार की सूजन की समस्या नहीं होती है या फिर कम होती है.

3 .विटामिन ए आंखों से संबंधित बीमारियों में फायदेमंद होता है. विटामिन ए की पूर्ति होने से रतौंधी, आंखों के सफेद हिस्से में धब्बे जैसी समस्याएं दूर हो जाती है.

4 .विटामिन ए हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता के मजबूत बनाए रखने में मददगार होता है. साथ ही यह की दिल, फेफड़ा, किडनी और अन्य अंगों के कार्य प्रणाली को सामान्य रखता है.

अगर हम विटामिन के का ज्यादा सेवन करन तो हमारे शरीर को क्या नुकसान हो सकता है ?

किसी भी चीज जरूरत से ज्यादा खाने पर नुकसान होता ही है. विटामिन ए की अधिक मात्रा सेवन करने से सिर दर्द, दस्त, बाल झड़ने, देखने में परेशानी होना, शरीर में थकावट का अनुभव होना, त्वचा का खराब हो जाना, हड्डियों और जोड़ों में दर्द होना जैसी समस्याएं उत्पन्न होती है. गर्भवती महिलाओं में ज्यादा विटामिन ए के सेवन से शिशु को नुकसान हो सकता है.

नोट- यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है इस लेख में दिए हुए सुझाव और जानकारी को किसी मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर ना लें. किसी भी बीमारी के इलाज से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह अवश्य लें. धन्यवाद.

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मैं आयुर्वेद चिकित्सक हूँ और जड़ी-बूटियों (आयुर्वेद) रस, भस्मों द्वारा लकवा, सायटिका, गठिया, खूनी एवं वादी बवासीर, चर्म रोग, गुप्त रोग आदि रोगों का इलाज करता हूँ।

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