कमर और जोड़ों के दर्द से परेशान रहते हैं तो सर्दियां आने से पहले जान लें आसान घरेलू उपाय

हेल्थ डेस्क- सर्दियां आते ही जोड़ों और कमर का दर्द हर उम्र के लोगों को परेशान करने लगता है. कई बार यह समस्या इतनी अधिक हो जाती है कि तेल या बाम लगाने के बाद भी आराम नहीं मिलता है. सर्दियों में तापमान गिरने की वजह से जोड़ों की रक्त वाहिनी या यानी ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती है इसके कारण शरीर के उस हिस्से तक रक्त संचार सही ढंग से नहीं हो पाता है और दर्द जैसी समस्याएं होने लगती है. साथ ही सर्दियों में जोड़ों में होने वाले कार्टिलेज जो जोड़ों को मुलायम बनाकर रखती है वह भी जमने लगती है और अकड़न जैसी समस्या होने लगती है. ऐसे में सर्दियां आते ही खानपान में कुछ बदलाव करके कमर और जोड़ों के दर्द से राहत पाया जा सकता है.

1 .जोड़ों को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है कि शरीर का वजन नियंत्रित रहे. शरीर का अतिरिक्त वजन हमारे जोड़ों विशेषकर घुटने के जोड़ों पर दबाव बनाता है. व्यायाम से अतिरिक्त वजन को कम करने और वजन को सामान्य बनाए रखने में मदद मिल सकती है. कम प्रभाव वाले व्यायाम जैसे तैराकी या साइकिल चलाने का अभ्यास करें.

2 .वैसे लोग जो अधिक समय तक कंप्यूटर पर या अन्य जगहों पर बैठे रहते हैं उनकी जोड़ों में दर्द होने की संभावना अधिक हो जाती है. जोड़ों को मजबूत बनाने के लिए अपनी स्थिति को लगातार बदलते रहिए.

3 .व्यायाम उपास्थि के पोषण में मदद करता है. यदि व्यायाम को खुशी के साथ किया जाए तो एंडोर्फिन नामक हार्मोन रिलीज करता है जो आपको स्वस्थ होने का अनुभव कराता है. एक दिन में कम से कम 20 से 40 मिनट तक जरूर टहलें.

4 .मजबूत मांसपेशियां जोड़ों को समर्थन करती है. यदि आपकी मांसपेशियां कमजोर है तो इससे आपके जोड़ों में विशेषकर रीढ़ की हड्डी, कूल्हों और घुटनों में दर्द होगा.

कमर और जोड़ों के दर्द से परेशान रहते हैं तो सर्दियां आने से पहले जान लें आसान घरेलू उपाय
कमर और जोड़ों के दर्द से परेशान रहते हैं तो सर्दियां आने से पहले जान लें आसान घरेलू उपाय

5 .बैठने का सही तरीका भी आपकी कूल्हों और पीठ की मांसपेशियों की रक्षा करने में मदद करता है. कंधों को झुका कर न खड़े हो. वहीँ सीढ़ी चढ़ना दिल के लिए लाभदायक होता है लेकिन अगर यह अप्राकृतिक है तो यह आपकी घुटनों को नुकसान पहुंचा सकता है.

6 .स्वस्थ आहार खाना आपकी सेहत के लिए लाभदायक होने के साथ ही जोड़ों के लिए भी फायदेमंद होता है. यह मजबूत हड्डियों और मांसपेशियों के निर्माण में मदद करता है. हमें हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए कैल्शियम की आवश्यकता होती है. इसलिए कैल्सियम युक्त आहार का नियमित सेवन करें.

7 .अगर आपको नियमित भोजन से जरूरी मिनरल्स लेने में समस्या हो रही है तो आप सप्लीमेंट का सहारा ले सकते हैं. वर्तमान में निर्धारित जरूरत के अनुसार 50 साल की उम्र तक के व्यस्क पुरुषों और महिलाओं को नियमित रूप से 1000 मिलीग्राम कैल्शियम और 50 के बाद 1200 मिलीग्राम कैल्शियम की आवश्यकता होती है.

8 .71 साल की उम्र के बाद 1200 मिलीग्राम कैल्शियम पुरुष और महिला दोनों ले सकते हैं. इसे आप दूध, दही, ब्रोकली, हरी पत्तेदार सब्जियां, कमल स्टेम, तिल के बीज, अंजीर और सोया या बादाम दूध जैसे पौष्टिक आहार खाद पदार्थ के रूप में शामिल कर कैल्शियम की जरूरत को पूरा कर सकते हैं.

9 .हड्डियों और जोड़ों को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन डी की आवश्यकता होती है. आप जो आहार खाते हैं उसमें विटामिन डी शरीर में कैल्शियम का अवशोषण में मदद करता है. यह हड्डियों के विकास और हड्डी के ढांचे को सक्षम बनाता है.

10 .विटामिन डी की कमी मांसपेशियों की कमजोरी का कारण बनता है जो उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों के क्षतिग्रस्त होने के लिए जिम्मेदार होता है. विटामिन डी का सबसे बेहतर स्रोत सूरज की रोशनी होती है. इसके अलावा डेयरी उत्पाद और कई अनाज, सोया, दूध और बादाम के दूध में विटामिन डी प्रचुर मात्रा में होता है.

11 .जो लोग धूम्रपान करते हैं उनके हड्डियों का घनत्व कम होता है और उनकी हड्डियों को फ्रेक्चर होने की संभावना अधिक हो जाती है. यह संभवतः कैल्शियम के अवशोषण और हड्डियों के विकास और शक्ति को प्रभावित करने वाले एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के उत्पादन को कम करने से संबंधित है जो हड्डियों के विकास और मजबूती के लिए जिम्मेदार होते हैं.

12 .इसके अलावा यदि आप कमर और जोड़ों के दर्द से ग्रसित है तो समय-समय पर अपने चिकित्सक से मिलते रहे और रक्त में यूरिक एसिड के स्तर की जांच नियमित रूप से कराते रहें.

कमर और जोड़ों के दर्द से परेशान रहते हैं तो करें इन चीजों का सेवन-

पपीता और बादाम-

पपीता में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होता है इसके सेवन से इम्युनिटी मजबूत होती है और जोड़ों के दर्द एवं पैरों के खिंचाव में भी राहत मिलता है. विटामिन सी जोड़ों के दर्द के लिए बहुत फायदेमंद होता है. खासतौर पर बादाम में पाए जाने वाला ओमेगा 3 फैटी एसिड सूजन और गठिया के लक्षणों को कम करने में मददगार होता है. इसके अलावा मछली और मूंगफली में पर्याप्त मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है.

केसर और हल्दी का दूध-

हल्दी में एंटी इन्फ्लेमेट्री गुण मौजूद होते हैं जो जोड़ों के दर्द में राहत दिलाते हैं. इसके साथ ही दूध में कैल्शियम पाया जाता है जिससे आपकी हड्डियां मजबूत होती है. कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि हल्दी गठिया के दर्द में बहुत कारगर होती है. सर्दियों के मौसम में एक गिलास गर्म दूध में हल्दी और केसर डालकर पीना जोड़ों एवं कमर दर्द से राहत दिलाता है.

मेथी, प्याज और लहसुन-

मेथी के दाने जोड़ों के दर्द में काफी लाभदायक होते है. इसमें कई औषधीय गुण होते हैं जो कई जटिल बीमारियों को दूर करने के लिए रामबाण साबित होती है. प्याज और लहसुन के सेवन से जोड़ों के दर्द में आराम मिलती है. आयुर्वेद चिकित्सक यह भी मानते हैं कि इसमें कई ऐसे तत्व होते हैं जो जोड़ों के दर्द के लिए काफी लाभदायक होती है.

संतरा, अदरक और गाजर का जूस-

सर्दियों में अपनी डाइट में डिटॉक्स ड्रिंक जरूर शामिल करें. संतरे, गाजर और अदरक में एंटी इन्फ्लेमेट्री गुण के साथ ही कैल्सियम भी प्रचुर मात्रा में पाई जाती है. इसलिए आपके जोड़ों के लिए यह डिटॉक्स ड्रिंक लाभदायक होता है. इसके सेवन से आप ठंड के मौसम में जोड़ो एवं कमर के दर्द से बच सकते हैं.

जायफल-

जायफल को थोड़े से पानी के साथ पीसकर उसका लेप तैयार करें. फिर उसे गरम तिल के तेल में मिलाकर दर्द वाली जगह पर मसाज करने की दर्द से राहत मिल जाती है.

सरसों तेल-

शरीर के किसी भी हिस्से में होने वाले दर्द से राहत पाने के लिए सरसों का तेल काफी लाभदायक होता है. सरसों के तेल में लहसुन, अजवाइन, मेथी दाना, खैनी और जायफल डालकर उसे अच्छे से गर्म करें. जब सभी चीजें जलकर लाल दिखने लगे तो इसे आंच से उतारकर थोड़ा सा कपूर मिलाकर सुरक्षित रख लें और जब कभी दर्द हो तो इस तेल को गुनगुना करके दर्द वाली जगह पर लगाएं. दर्द से तुरंत आराम मिलेगा.

नोट- यह लेख शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है किसी भी प्रयोग से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह जरूर लें. धन्यवाद.

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मैं आयुर्वेद चिकित्सक हूँ और जड़ी-बूटियों (आयुर्वेद) रस, भस्मों द्वारा लकवा, सायटिका, गठिया, खूनी एवं वादी बवासीर, चर्म रोग, गुप्त रोग आदि रोगों का इलाज करता हूँ।

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