गुर्दे ( kidney ) की पथरी को जड़ से ख़त्म करने के आयुर्वेदिक उपाय

हेल्थ डेस्क- गुर्दे में पथरी होना आजकल आम समस्या देखी जा रही है. इससे बहुत से लोग प्रभावित हो रहे हैं. यदि खानपान का सही ध्यान रखा जाए तो इस समस्या से बचा जा सकता है. इस लेख में गुर्दे की पथरी को जड़ से खत्म करने के लिए आयुर्वेदिक उपाय बताएंगे.

गुर्दे ( kidney ) की पथरी को जड़ से ख़त्म करने के आयुर्वेदिक उपाय
गुर्दे ( kidney ) की पथरी को जड़ से ख़त्म करने के आयुर्वेदिक उपाय

गुर्दे में पथरी होना आजकल बहुत ही आम समस्या होती जा रही है. गुर्दे की पथरी से काफी लोग प्रभावित हो रहे हैं जो हमारी जिंदगी में गुर्दे में पथरी गलत खानपान का नतीजा है और लगातार इसके मरीजों की संख्या अधिक हो रही है. यूरिक एसिड, फास्फोरस, कैल्शियम और ऑक्जेलिक एसिड यह सभी तत्व गुर्दे में पथरी बनाने के लिए उत्तरदाई होते हैं. कुछ पथरी रेत के दाने की तरह बहुत छोटे आकार के होते हैं तो कुछ पथरी बढ़कर मटर के दाने की तरह हो जाते हैं. इसके साथ ही बहुत अधिक मात्रा में विटामिन डी के सेवन से भी हाइड्रेशन और अनियमित खानपान की वजह से भी गुर्दे में पथरी हो जाता है. आमतौर पर पथरी मूत्र के जरिए शरीर से बाहर निकल जाती है. लेकिन जो पथरी बड़ी होती है वह बहुत ही परेशान करती है. गुर्दे में पथरी हो जाने पर पेट में हर समय दर्द बना रहता है. कभी-कभी यह दर्द अधिक हो जाता है तो कभी-कभी लगता है कि कुछ हुआ ही नहीं है.

आधुनिक चिकित्सा में पथरी को ऑपरेशन करके निकालना ही सबसे उत्तम व्यवस्था होता है. लेकिन यदि घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय का सहारा लिया जाए तो गुर्दे के पथरी को आसानी से निकाला जा सकता है. वही बुजुर्गों को यह भी कहते हुए सुना जाता है कि खाली पेट प्रतिदिन तीन- चार गिलास पानी पीने से पेट की सभी बीमारियां दूर हो जाती है. लेकिन यदि आप गुर्दे की पथरी से परेशान है तो इन आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपायों की मदद से इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं.

गुर्दे ( kidney )  की पथरी दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय-

1 .शंख भस्म और हजरत यहूद भस्म बराबर मात्रा में मिलाकर पानी के साथ 4-4 रती की गोली बनाकर दो-दो गोली और चंद्रप्रभा वटी दो-दो गोली दिन में तीन चार बार खाने के सोडे के साथ सेवन कराएं. लिंग विरेचन चूर्ण 1 ग्राम, लवण भास्कर चूर्ण 1 ग्राम, सजीक्षार आधा ग्राम, यवाक्षार आधा ग्राम और गोखरू गुग्गुल दो-दो गोली दिन में तीन- चार बार गोखरू के क्वाथ के साथ सेवन कराएं. इसका नियमित 3-4 महीने तक सेवन करने से गुर्दे की पथरी जड़ से ख़त्म हो जाती है ऐसा आयुर्वेद में लिखा है.

2 .अधिक उल्टी हो रही हो तो आलूबुखारा या बर्फ सूचना चाहिए. टाटरी 1 ग्राम 20 मिलीलीटर पानी में डालकर थोड़ा- थोड़ा चम्मच से पीना चाहिए. पेडू पर कलमी सोडा का लेप लगाना चाहिए. बस्ती विरेचन देना भी उत्तम है.

3 .गोखरू का चूर्ण 2 ग्राम शहद के साथ सेवन करके बकरी का दूध दिन में दो बार पीना पथरी के लिए लाभदायक होता है.

4 .दर्द अधिक हो तो अहिफेन युक्त गोलियां या जातिफलादि चूर्ण का सेवन करने की आराम मिलता है.

5 .यवाक्षार या नीम की छाल का क्षार न्रिसार के शरबत के साथ या कलमी सोडा 1 ग्राम दिन में शरबत या पानी के साथ सेवन करने से पथरी तुरंत निकल जाती है.

गुर्दे ( kidney ) की पथरी दूर करने के घरेलू उपाय-

1 .10- 15 दाने बडी इलायची के, एक चम्मच खरबूजे के बीज की गिरी और दो चम्मच मिश्री एक कप पानी में पीसकर सुबह- शाम पीने से पथरी निकल जाती है.

2 .पथरी की समस्या से छुटकारा पाने के लिए केले का सेवन करना फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें विटामिन बी 6 होता है विटामिन बी 6 ऑक्जेलेट क्रिस्टल को बनने से रोकता है और तोड़ता है. इसके अलावा विटामिन बी 6 विटामिन बी के अन्य विटामिन के साथ सेवन करना गुर्दे की पथरी के इलाज में काफी मददगार होता है. एक शोध के अनुसार विटामिन बी की 100 से 150 मिलीग्राम प्रतिदिन गुर्दे की पथरी के उपचार में बहुत लाभदायक है.

3 .मिश्री, सौंफ, सूखा धनिया तीनों को 50-50 ग्राम लेकर डेढ़ लीटर पानी में रात को भिगोकर रख दें और सुबह इसे छानकर पीसकर और पानी में मिलाकर एक घोल तैयार कर लें. इस घोल को पीजिये पथरी की समस्या दूर हो जाएगी.

4 .सहजन की सब्जी खाने से गुर्दे की पथरी टूटकर बाहर निकल जाती है. आम के पत्ते छांव में सुखाकर बहुत बारीक पीसकर 8 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन पानी के साथ सेवन करने से लाभ होता है.

5 .प्याज पथरी नाशक तत्व मौजूद होते हैं. इसका प्रयोग गुर्दे की पथरी को दूर करने के लिए किया जा सकता है. लगभग 70 ग्राम प्याज को पीसकर उसका रस निकाल कर सुबह खाली पेट नियमित सेवन करने से पथरी छोटे-छोटे टुकड़े होकर निकल जाते हैं.

6 .नारियल का पानी पीने से पथरी की समस्या में काफी लाभ होती है. इसलिए पथरी से परेशान लोगों को नारियल का पानी पीना चाहिए.

7 .पका हुआ जामुन पथरी से छुटकारा दिलाने में काफी मददगार होता है. इसलिए पथरी होने पर पका हुआ जामुन खाना लाभदायक होता है.

8 .तुलसी कई रोगों को दूर करने की एक दवा मानी जाती है. यह गुर्दे की पथरी को निकालने में भी मददगार होता है. इसके लिए तुलसी के रस का सेवन करना चाहिए. इससे पेशाब के रास्ते पथरी निकलने में मदद मिलती है. कम से कम 1 महीना तुलसी के पत्तों के रस के साथ शहद का सेवन करना पथरी से छुटकारा दिलाता है. इसके अलावा प्रतिदिन तुलसी के कुछ ताजे पत्ते चबाकर खाया जा सकता है.

9 .जैतून के तेल के साथ नींबू का रस मिलाकर सेवन करने से गुर्दे की पथरी में लाभ होता है. दर्द होने पर 7 मिलीलीटर नींबू के रस में उतने ही मात्रा ऑर्गेनिक जैतून का तेल मिलाकर सेवन करने से दर्द से राहत मिलता है. आपको बता दें कि नींबू का रस और जैतून का तेल पूरे स्वास्थ के लिए लाभदायक होता है. साथ ही यह आसानी से उपलब्ध हो जाता है.

10 .सफेद जीरा और चीनी को बराबर मात्रा में पीसकर पाउडर बनाकर सुरक्षित रख लें. अब इसमें से एक चम्मच की मात्रा में दिन में तीन बार सेवन करने से पथरी निकल जाती है.

11 .गुर्दे की पथरी से छुटकारा दिलाने में अंगूर भी काफी मददगार होता है क्योंकि अंगूर प्राकृतिक मूत्र वर्धक के रूप में कार्य करता है. इसमें पोटैशियम और पानी प्रचुर मात्रा में होता है. अंगूर में एल्ब्यूमिन और सोडियम क्लोराइड बहुत ही कम मात्रा में होते हैं जिनकी वजह से गुर्दे की पथरी के उपचार के लिए बेहतर माना जाता है.

12 .अजवाइन गुर्दे के लिए टॉनिक के रूप में जाना जाता है. गुर्दे में पथरी के गठन को रोकने के लिए अजवाइन का इस्तेमाल मसाले के रूप में या चाय के रूप में नियमित रूप से किया जा सकता है. यह गुर्दे की पथरी से परेशान लोगों के लिए काफी लाभदायक है.

13 .आंवला भी पथरी में काफी लाभदायक होता है. आंवले का चूर्ण मूली के साथ सेवन करने से मूत्राशय की पथरी निकल जाती है.

नोट- यह लेख शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है किसी भी प्रयोग से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह जरूर लें. यदि लेख पसंद आए तो शेयर जरूर करें. धन्यवाद.

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मैं आयुर्वेद चिकित्सक हूँ और जड़ी-बूटियों (आयुर्वेद) रस, भस्मों द्वारा लकवा, सायटिका, गठिया, खूनी एवं वादी बवासीर, चर्म रोग, गुप्त रोग आदि रोगों का इलाज करता हूँ।

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