मर्दाना शक्ति बढ़ाने के लिए करें इन 3 जड़ी- बूटियों का सेवन, बढ़ जाएगा टाइमिंग

हेल्थ डेस्क- आज के बदलते लाइफस्टाइल शारीरिक कमजोरी का होना आम बात हो गई है. जिसका प्रभाव मर्दाना शक्ति को भी प्रभावित करता है. अगर आप सेक्स के दौरान जोश की कमी महसूस करते हैं और तुरंत थका हुआ महसूस करते हैं तो आप इन 3 आयुर्वेदिक जड़ी- बूटियों का सेवन करके इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं.

मर्दाना शक्ति बढ़ाने के लिए करें इन 3 जड़ी- बूटियों का सेवन, बढ़ जाएगा टाइमिंग
मर्दाना शक्ति बढ़ाने के लिए करें इन 3 जड़ी- बूटियों का सेवन, बढ़ जाएगा टाइमिंग

जब एक पुरुष अपने पार्टनर के साथ शारीरिक संबंध बनाता है तो उसके लिए उसे काफी शारीरिक उर्जा ताकत और स्टेमिना की आवश्यकता होती है. ऊर्जा की साधारण भाषा में सेक्स पावर कहा जाता है. दौड़ने में जितनी ताकत लगती है उतनी ही एक व्यक्ति को शारीरिक संबंध बनाने से ऊर्जा की खपत होता है. पुरुषों के अंदर जोश की कमी महसूस होने लगती है. थका हुआ महसूस करने लगते हैं सेक्स स्टैमिना में कमी, सेक्स के प्रति रुचि में कमी, लिबिडो में कमी होने से आप शारीरिक संबंध का आनंद नहीं ले पाते है.

हालांकि इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए ज्यादातर लोग वियाग्रा जैसे सेक्स वर्धक दवाओं का सेवन करने लगते हैं लेकिन अधिक दिनों तक इसका सेवन किया जाए तो एक समय ऐसा भी आ सकता है जब आप बिल्कुल भी सेक्स नहीं कर पाएंगे. इसलिए आपको घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय द्वारा इस समस्या को दूर करना चाहिए. आयुर्वेद में लो लिबिडो, लो सेक्स पावर, लो सेक्स ड्राइव स्टैमिना, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जैसी समस्याओं का रामबाण इलाज मौजूद है. आप इन आयुर्वेदिक जड़ी- बूटियों का सेवन करके सेक्सुअल समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं.

चलिए जानते हैं उन 3 जड़ी बूटियों के बारे में-

1 .कौंच के बीज-

यौन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए कौंच का बीज काफी लाभदायक है. इसका आयुर्वेद में सदियों से इस्तेमाल किया जाता रहा है. कौंच बीज का इस्तेमा सेक्स समस्याओं के लिए आयुर्वेदिक टॉनिक की तरह किया जाता है क्योंकि कौंच बीज में सेक्स पावर यानि यौन शक्ति बढ़ाने की अद्भुत शक्ति होती है. इसको प्राकृतिक वियाग्रा भी कहा जाता है.

कई बार कई लोगों को लिंग खड़ा ना होने की समस्या परेशान करती है लेकिन यदि वह कौंच बीज के पाउडर का सेवन करते हैं तो यह समस्या दूर हो जाती है क्योंकि लिंग खड़ा होने के लिए हमारे शरीर में खून का फ्लो अच्छे से होना चाहिए और यह खून के फ्लो को बेहतर बनाता है. वहीं कई लोग शीघ्रपतन जैसी समस्याओं का सामना करते हैं. ऐसी समस्याओं में कौंच बीज चूर्ण का सेवन करना लाभदायक होता है. कौंच बीज में सेक्स टाइमिंग बढ़ाने की क्षमता होती है क्योंकि इसमें एल डो पा होता है जो हमारे शरीर में डोपामाइन निकलने में मदद करता है और डोपामाइन निकलने से हमें सेक्स करने की इच्छा जल्दी होती है. इतना ही नहीं यह प्रजनन क्षमता को बेहतर बनाने का काम करता है. इसका सेवन करने से फर्टिलिटी लेबल बढ़ जाता है और बच्चा पैदा करने में कोई परेशानी नहीं होती है.

यदि आप कौंच के बीज का सेवन करते हैं तो इसके कारण लिंग में तनाव बढ़ने लगता है और इसी से हम सेक्स करने में सक्षम हो जाते हैं इसलिए आपको मर्दाना कमजोरी की समस्या है तो आप कौंच बीज का सेवन कर सकते हैं. इससे यह समस्या दूर हो जाएगी.

कौंच बीज का इस्तेमाल कैसे करते हैं ?

कौंच बीज पाउडर को आप ऐसे ही सेवन कर सकते हैं. 5 ग्राम की मात्रा में कौंच बीज के पाउडर को एक गिलास मिश्री मिले हुए दूध के साथ सुबह-शाम सेवन करने शीघ्रपतन, कमजोरी, लिंग का ढीलापन दूर हो जाता है.

2 .अश्वगंधा-

यौन समस्याओं को दूर करने के लिए अश्वगंधा का इस्तेमाल आयुर्वेद में सदियों से किया जाता रहा है. अश्वगंधा शुक्राणु की कमी, नपुंसकता, शीघ्रपतन की समस्याओं को दूर करने में काफी कारगर है. यह पुरुषत्व को बढ़ाने में रामबाण की तरह काम करता है. दूध या पानी के साथ अश्वगंधा चूर्ण का सेवन करने से पुरुषों की यौन क्षमता बढ़ती है साथ ही यह शरीर को एक अलग ही शक्ति प्रदान करता है.

अगर आप अपनी जीवन साथी के साथ सेक्स लाइफ से खुश नहीं है तो आपको अश्वगंधा का सेवन जरूर करना चाहिए. सेक्स लाइफ को लेकर कमजोरी महसूस होती है उन लोगों को अश्वगंधा चूर्ण का सेवन करना चाहिए. इसके सेवन शारीरिक संबंध में सुधार आएगा और आपके शरीर में भी तंदुरुस्ती आएगी. अश्वगंधा का नियमित सेवन करने से यौन से जुडी सभी तरह की समस्या दूर हो जाती है. साथ ही बाँझपन की समस्या से निजात मिलती है. इसका सेवन पुरुष और महिला दोनों भी कर सकते हैं.

3 .सफेद मूसली-

यौन संबंधित समस्याओं को दूर करने के लिए सफेद मूसली का इस्तेमाल आयुर्वेद सदियों से किया जाता रहा है. पुरुषों की सेक्स समस्याओं के लिए एक शक्तिशाली कामोत्तेजक आयुर्वेदिक जड़ी- बूटी है. आयुर्वेद में सफेद मूसली के जड़ का पाउडर का उपयोग किया जाता है. इसके सेवन से शारीरिक दुर्बलता, स्तंभन, उत्सर्जन, शीघ्रपतन, मर्दाना कमजोरी के उपचार में काफी कारगर होती है.

सफेद मूसली का सेवन शुक्राणुओं की कमी, वीर्य की मात्रा की कमी, संभोग का समय और गतिशीलता को बेहतर बनाने के लिए काफी लाभदायक होती है. सफेद मूसली टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ा देती है. यह वीर्य उत्पादन को भी सुधार करती है. यदि किसी को स्वप्नदोष के बाद कमजोरी, शक्ति, ऊर्जा की कमी महसूस होती है तो शक्कर के साथ सफेद मुसली पाउडर का सेवन करने से काफी लाभ होता है. साथ ही स्वप्नदोष की समस्या दूर हो जाती है.

यदि आप सेक्स लाइफ का भरपूर आनंद नहीं ले पा रहे हैं तो आपको सफेद मूसली का सेवन और दूध के साथ करना चाहिए. इससे आपके शरीर में काम उत्तेजना फिर से पहले जैसी हो जाएगी.

नोट- यह लेख शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है किसी भी प्रयोग से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह जरूर लें. धन्यवाद.

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मैं आयुर्वेद चिकित्सक हूँ और जड़ी-बूटियों (आयुर्वेद) रस, भस्मों द्वारा लकवा, सायटिका, गठिया, खूनी एवं वादी बवासीर, चर्म रोग, गुप्त रोग आदि रोगों का इलाज करता हूँ।

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