शरीर में हमेशा महसूस होती है थकान और सुस्ती तो जाने कारण और बचाव के तरीके

हेल्थ डेस्क- शरीर में हमेशा सुस्ती और थकान का आना एक आम समस्या है. इससे काफी लोग ग्रसित रहते हैं लेकिन इसे लोग नजरअंदाज कर देते हैं हालांकि ऐसा करना कभी- कभी बड़ी बीमारियों का कारण भी बन सकता है चलिए जानते हैं विस्तार से-

कई लोगों को सुबह उठने के बाद सुस्ती और थकान महसूस होती है. ऐसे में कई लोग यदि कोई काम ना हो तो फिर से सोने चले जाते हैं और काम हो तो किसी तरह उसे जल्दी- जल्दी निपटाने की कोशिश करते हैं. लेकिन ऐसा करना उनके लिए कई बार कई तरह की गंभीर बीमारियों का कारण बनता है. ऐसे में उन्हें इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. शरीर हमेशा थका हुआ और सुस्त रहने के कई कारण हो सकते हैं. इन कारणों को पहचान कर आप अपने शारीरिक थकान को दूर कर सकते हैं. आज हम इस लेख के माध्यम से थकान या फिर आलस किन कारणों से होती है के बारे में विस्तार से जानने की कोशिश करेंगे.

शरीर में हमेशा महसूस होती है थकान और सुस्ती तो जाने कारण और बचाव के तरीके
शरीर में हमेशा महसूस होती है थकान और सुस्ती तो जाने कारण और बचाव के तरीके

शरीर में थकान और सुस्ती महसूस होने के कारण और बचाव के तरीके-

1 .शरीर में आयरन की कमी होना-

हमारे शरीर में थकान और सुस्ती होने के कारण आयरन की कमी भी हो सकती है. अगर आप हमेशा सोना पसंद करते हैं या फिर काफी देर तक बिना वजह बिस्तर पर लेटे रहते हैं तो यह शरीर में आयरन की कमी के कारण भी हो सकता है. ज्यादातर महिलाओं के शरीर में आयरन की कमी होती है. खासतौर पर गर्भवती महिलाओं में आयरन की कमी होना आम बात होता है. अगर आप भी आयरन की कमी से जूझ रहे हैं तो आपको अपने आहार में हरी सब्जियों को शामिल करना चाहिए. साथ ही आयरन सप्लीमेंट भी ले सकते हैं ताकि आपके शरीर में आयरन की कमी दूर होकर शरीर एनर्जीटिक बना रहे.

2 .नींद पूरा न होना-

भरपूर नींद न लेना या बहुत देर तक जागना थकान और सुस्ती का कारण बन सकता है इसलिए प्रतिदिन पर्याप्त नींद लें. स्वस्थ शरीर के लिए भरपूर नींद लेना बहुत ही आवश्यक होता है. गहरी और अच्छी नींद न लेने से आपके शरीर को थकावट महसूस हो सकती है. साथ ही आप पूरे दिन आलस महसूस करेंगे, जम्हाई आती रहेगी और नींद का अनुभव करते रहेंगे. इतना ही नहीं अच्छी नींद न लेने से आपकी त्वचा पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है.

3 .तनाव में रहना-

तनाव लेने से भी शरीर काफी सुस्त और थका हुआ महसूस करता है इसलिए कोशिश करें कि आप अपने तनाव को समझें और इसे दूर करें. हमेशा खुश रहने की कोशिश करें. तनाव लेने से जहां आपका शरीर सुस्त होता है वही आप कई गंभीर बीमारियों के शिकार भी हो सकते हैं. खुश रहने से आपका शरीर एनर्जीटिक रहता है तनाव को दूर करने के लिए भरपूर और गहरी नींद जरूरी है.

4 .असंतुलित आहार का सेवन-

स्वस्थ रहने के लिए संतुलित आहार का होना बहुत ही जरूरी होता है. लेकिन इस पर बहुत कम लोग ध्यान देते हैं क्या खा रहे हैं क्या नहीं खा रहे हैं ? इस पर कभी ध्यान नहीं देते हैं. ऐसे में ज्यादातर लोग असंतुलित आहार का सेवन करते हैं. ऐसा करने से आपका शरीर सुस्त और थका हुआ सा रह सकता है. खाने की गुणवत्ता भी शरीर पर असर डालती है इसलिए अपने आहार में सभी तरह के विटामिन और मिनरल्स को शामिल करें.

5 .शरीर में पानी की कमी होना-

शरीर में पानी की कमी होने के कारण भी आपको सुस्त और थका हुआ महसूस होता है. अगर आप पूरे दिन में 6 से 8 गिलास पानी नहीं पीते हैं तो आपको नींद नहीं आना, शरीर में ऐंठन, दर्द, चक्कर आना, उर्जा में कमी जैसी कई परेशानियां हो सकती है इसलिए कोशिश करें कि दिन में 6 से 8 गिलास पानी पिएं. वही अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें. इससे आपको थकान महसूस नहीं होगी साथ ही आप एनर्जीटिक रहेंगे.

6 .शरीर का वजन अधिक होना-

शरीर का वजन अधिक होने के कारण भी आपको थकान और सुस्ती महसूस हो सकती है इसलिए कोशिश करें कि आप अपने वजन को नियंत्रित रखें. अधिक वजन न सिर्फ थकान का कारण बनती है बल्कि इससे कई गंभीर बीमारियां भी हो सकती है.

7 .ज्यादा व्यायाम करना-

व्यायाम करना सेहत के लिए काफी लाभदायक होता है लेकिन यदि आप ज्यादा व्यायाम करते हैं तो इससे भी आपके शरीर में सुस्ती आती है क्योंकि व्यायाम करने से आपके शरीर की सारी ऊर्जा खत्म हो जाती है इसलिए प्रतिदिन 40 मिनट से अधिक व्यायाम ना करें.

8 .व्यायाम नहीं करना-

व्यायाम नहीं करना भी आपके शरीर को सुस्त बना देता है. इसकी वजह से आपको थकान महसूस होती है क्योंकि व्यायाम नहीं करने से शरीर में अतिरिक्त कैलोरी बर्न नहीं हो पाती है जो आपके शरीर को हेल्दी और फिट रखने का कार्य करती है इसलिए प्रतिदिन हल्के-फुल्के व्यायाम जरूर करें.

नोट- शरीर में सुस्ती और थकान के और कई कारण हो सकते हैं जैसे- मधुमेह की बीमारी, थायराइड का बढ़ना, लंबे समय तक किसी बीमारी से ग्रसित रहना इत्यादि कई कारण हो सकते हैं इसलिए कोशिश करें कि इन कारणों को जानकार इसे दूर करें ताकि आपका शरीर उर्जावान और सक्रीय रहे.

Share on:

मैं आयुर्वेद चिकित्सक हूँ और जड़ी-बूटियों (आयुर्वेद) रस, भस्मों द्वारा लकवा, सायटिका, गठिया, खूनी एवं वादी बवासीर, चर्म रोग, गुप्त रोग आदि रोगों का इलाज करता हूँ।

Leave a Comment