SHARIRIK KAMJORI DUR KARNE KE UPAY- पुरुष अपनी शारीरिक कमजोरी दूर कर पाए नया जोश, जानें आयुर्वेदिक उपाय

हेल्थ डेस्क- हर किसी की चाहत होती है कमजोरी उसके पास कभी नहीं आए. लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई इतना व्यस्त हो चुका है कि खुद के लिए समय निकाल पाना मुश्किल हो गया है. SHARIRIK KAMJORI DUR KARNE KE UPAY- खासकर पुरुषों की बात की जाए तो वह अपने आप को बहुत कम समय दे पाते हैं क्योंकि पुरुष पर घर का पूरा जिम्मेदारी होने के कारण परिवार का पालन पोषण करता है. पैसा कमाने के लिए सुबह काम पर जाता है और थक हार कर शाम को घर वापस आता है. ऐसे में अगर वह शारीरिक कमजोरी का शिकार हो जाता है तो सही ढंग से काम कर पाना मुश्किल हो जाता है उसे कोई काम में मन नहीं लगता है.

SHARIRIK KAMJORI
पुरुष अपनी शारीरिक कमजोरी दूर कर पाए नया जोश, जानें आयुर्वेदिक उपाय

हालांकि अधिकतर लोग शारीरिक कमजोरी को पहचान नहीं पाते हैं और उन्हें ऐसा लगता है कि थकान महसूस होना ही शारीरिक कमजोरी होती है. लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. दिन भर काम करने के बाद थकान महसूस होना आम बात होता है. ऐसी थकान थोड़ा आराम करने के बाद खुद ही दूर हो जाती है. लेकिन फिर भी आप हमेशा थके- थके रहते हैं तो यह शारीरिक कमजोरी हो सकती है. इस लेख में हम आपको शारीरिक कमजोरी किसे कहते हैं ? शारीरिक कमजोरी के लक्षण क्या है ? शारीरिक कमजोरी के कारण क्या होते हैं ? शारीरिक कमजोरी दूर करने की आयुर्वेदिक उपाय के बारे में बात करेंगे. आप इस लेख को अंत तक पढ़ कर लाभ उठा सकते हैं.

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शारीरिक कमजोरी किसे कहते हैं ? SHARIRIK KAMJORI KISE KAHTE HAIN?

शारीरिक कमजोरी उसे कहा जाता है जब आप थोड़ा सा भी काम करने के बाद थकान महसूस करने लगते हैं. शारीरिक कमजोरी के कारण व्यक्ति किसी भी काम को करने में सक्षम नहीं होता है. इसके अलावा जब कोई व्यक्ति अपने शरीर का कोई हिस्सा ठीक से नहीं हिला पाए तो यह भी शारीरिक कमजोरी का ही एक लक्षण है.

शारीरिक कमजोरी के लक्षण क्या है ? SHARIRIK KAMJORI KE LAKSHAN KYA HAIN?

ज्यादा ठंड लगना- जब गर्मी में भी ठंड लगे, कंपन महसूस हो तो यह शारीरिक कमजोरी के लक्षणों में से एक है.

थकावट महसूस होना- थोड़ा सा भी कोई काम करने के बाद या ऐसे ही बैठे रहने पर भी थकावट महसूस होता है तो यह शारीरिक कमजोरी का लक्षण है. लेकिन कई लोग इसे पहचानने में गलती करते हैं क्योंकि किसी भी काम को करने के बाद थकावट महसूस होना आम बात होती है लेकिन यह तब शारीरिक कमजोरी का कारण बन सकता है जब आपको लगातार कई दिनों तक थकावट महसूस होने लगती है.

सुस्ती- शारीरिक कमजोरी से पीड़ित व्यक्ति सुस्त रहता है सोचने की क्षमता भी कम हो जाती है. ऐसे व्यक्ति में किसी काम को करने की क्षमता नहीं रहता है उसे कोई काम करने का मन नहीं करता है.

मांस पेशियों में दर्द होना- कोई काम करने के बाद शरीर एवं मांस पेशियों दर्द होना आम बात है. लेकिन यदि कोई काम नहीं करने के बाद भी मांस पेशियों का दर्द शरीर के किसी भी हिस्से में होते रहे तो यह शारीरिक कमजोरी का लक्षण है क्योंकि हमारे शरीर के लगभग हर हिस्से में मांस पेशियों के उत्तक हैं.

बोलने में तकलीफ होना- शारीरिक कमजोरी की वजह से किसी के साथ बातचीत करने में भी तकलीफ होती है ऐसा लगता है कि कोई हमारे सामने ना आए हम किसी से बातचीत ना करें बल्कि चुपचाप बैठे रहें.

चक्कर आना- कई बार ज्यादा शारीरिक कमजोरी होने पर चक्कर भी आने लगते हैं. कभी थोड़ी देर बैठने के बाद उठते हैं तो एकाएक चक्कर आ जाना, चलते-चलते चक्कर आ जाना यह शारीरिक कमजोरी के लक्षण है.

प्रभावित अंग का काम करने में देरी करना- इसे हम एक उदाहरण के माध्यम से समझ सकते हैं जैसे अगर आप लैपटॉप पर काम कर रहे हैं या और कोई काम हाथ से कर रहे हैं लेकिन आपका हाथ तेजी से काम नहीं कर पा रहा है या चलते- चलते आपके पे लड़खड़ा रहे हैं तो यह शारीरिक कमजोरी का ही लक्षण है.

शारीरिक कमजोरी होने के क्या कारण है ? SHARIRIK KAMJORI HONE KE KARAN KYA HAI?

1 .शरीर में विटामिन की कमी- यदि शरीर में विटामिन B12, विटामिन B6, विटामिन सी की कमी हो जाए तो यह शारीरिक कमजोरी का कारण हो सकता है.

2 .चिंता या तनाव में रहना- अधिक चिंता या तनाव में रहना कमजोरी का एक मुख्य कारणों में से एक है जिसकी वजह से शारीरिक कमजोरी हो जाती है यह आसानी से दूर नहीं होता है इसलिए अधिक चिंता नहीं करनी चाहिए.

3 .खून की कमी- शरीर में खून की कमी होने के कारण भी शारीरिक कमजोरी हो जाती है खून में आयरन की कमी हो जाना शारीरिक कमज़ोरी का मुख्य कारणों में से एक है.

4 .कोई लंबी बीमारी के कारण- कई बार कोई लंबी बीमारी के कारण जैसे- डायबिटीज, थायराइड, टीबी, पीलिया जैसे अनेक बीमारियों में रोगी का शरीर लंबे समय तक बीमारी से लड़ता है ऐसे में शरीर की ऊर्जा में कमी आ जाती है जिसके कारण थकान महसूस होने लगती है

5 .अधिक ऊर्जा का इस्तेमाल करने से- कई बार लोग जरूरत से ज्यादा काम करने लगते हैं. जिससे शरीर से ऊर्जा अधिक मात्रा में निकल जाती है जिसके कारण शारीरिक कमजोरी हो जाती है.

6 .उचित आहार का सेवन ना करना- कई लोग सिर्फ पेट भरने के लिए भोजन कर लेते हैं लेकिन पोषक तत्वों से भरपूर आहार खाने से हमें ऊर्जा मिलती है. पोषक तत्वों से भरपूर आहार न मिलने से शरीर को ऊर्जा नहीं मिल पाती है जिससे शरीर में कमजोरी महसूस होती है.

7 .नशीले पदार्थों का अधिक सेवन करना- नशीले पदार्थों के सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है जिसके कारण हमारा शरीर किसी भी बीमारी से लड़ने में सक्षम नहीं हो पाता है और हम कई छोटे-मोटे बीमारियों से ग्रसित होते रहते हैं जिसके कारण भी हमारे शरीर में कमजोरी आने लगती है.

शारीरिक कमजोरी दूर करने के लिए आयुर्वेदिक उपाय- SHARIRIK KAMJORI DUR KARNE KE AYURVEDIK UPAY-

1 .दिन में दो बार शंखपुष्पी का रस पीने से शरीर की कमजोरी दूर होती है. इसके लिए एक बार में 10 से 15 मिलीलीटर रस पीना चाहिए, इसके साथ ही सुबह में एक या दो सेब खाकर गुनगुना गर्म मीठा दूध पीने से शारीरिक कमजोरी दूर होती है. सेब खाने से हृदय की गति भी ठीक रहती है और मस्तिष्क को भी ताकत मिलता है.

2 .उड़द पचने में भारी होता है लेकिन यह शक्ति वर्धक होते हैं. रात को उड़द की दाल भिगोकर रख लें और फिर सुबह में पीसकर एक चम्मच देसी घी और आधा चम्मच शहद मिलाकर उसका सेवन करें. ऐसा करने से शरीर बलवान बन जाता है इसे खाने के बाद मिश्री मिला दूध पीना अधिक फायदेमंद होता है. उड़द की दाल छिलके सहित खाने से शरीर में चर्बी बढ़ती है तथा कमजोरी दूर हो जाती है.

3 .मुनक्का काफी शक्तिवर्धक होता है दिन में दो बार मुनक्के का सेवन करने से कमजोरी दूर होती है. इसलिए प्रतिदिन चार-पांच मुनक्का खाकर दूध पीना चाहिए.

4 .कपूर, तपासिर ( वंशलोचन ) बादाम और इलायची के दाने इन सभी को 50-50 ग्राम भिगोकर छानकर पिस लें फिर 50 ग्राम पिस्ता के साथ इन सब को बारीक पीसकर 2 लीटर दूध में हल्की आंच पर पका लें. जब यह हलुए जैसा गाढ़ा तैयार हो जाए तो 20 ग्राम चांदी का वर्क मिला लें. इस तैयार किए हुए पदार्थ को प्रतिदिन 10 से 15 ग्राम दूध के साथ सेवन करने से शारीरिक कमजोरी दूर हो जाती है. शरीर हृष्ट- पुष्ट और मजबूत बन जाता है. साथ ही आंखों की रोशनी भी अच्छी हो जाती है.

5 .जायफल तथा जावित्री दोनों को 10-10 ग्राम पीसकर उसमें अश्वगंधा 50 ग्राम मिला लें. इस मिश्रण को प्रतिदिन दिन में दो बार एक-एक चम्मच दूध के साथ सेवन करने से घोर शारीरिक कमजोरी दूर हो जाती है और रक्त भी बढ़ता है.

6 .प्रतिदिन सुबह एक केला दूध के साथ खाने से शरीर को ताकत मिलती है. दूध और केले को एक साथ लेने से शरीर में चर्बी और शक्ति दोनों ही बढ़ती है. किसी दुबले- पतले व्यक्ति को वजन बढ़ाने और ताकत बनाने के लिए यह सबसे आसान और कारगर उपाय है.

7 .शारीरिक ताकत बढ़ाने के लिए प्रतिदिन 4-5 खजूर का सेवन करना लाभदायक होता है. इसके सेवन से स्पर्म भी बढ़ता है. शरीर में खून बढ़ता है, शरीर को स्फूर्ति दायक बनाता है.

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8 .प्रतिदिन दूध पीने से शरीर में शक्ति आती है. यदि नपुंसकता की समस्या से परेशान हैं तो दूध में केसर मिलाकर पीना फायदेमंद होता है. इससे पुरुष शक्ति बढ़ती है. संभोग करने के बाद बादाम वाला दूध पीने से थकान और कमजोरी दूर हो जाती है. इसके लिए दूध में तीन-चार बादाम पीसकर डालें.

9 .यदि तनाव के कारण कमजोरी हुई हो तो कॉफी का सेवन करना मानसिक तनाव को दूर करता है और शरीर में भी नई ताजगी देता है. भोजन करने के बाद कॉफी पीने से पेट हल्का महसूस करता है. कॉफी पीने से पेट की छोटी मोटी गड़बड़ियां खत्म हो जाती है.

10 .टमाटर का ताजा रस पीने से भूख बढ़ती है और शरीर में उत्पन्न हुई रक्त की कमी दूर हो जाती है. नियमित रूप से इसका सेवन करने से शारीरिक कमजोरी दूर होता है और मुख मंडल पर लाली भी आ जाता है.

नोट- यह लेख शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है. किसी भी प्रयोग से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह जरूर लें. और यह जानकारी पसंद आई हो तो शेयर करना ना भूलें. धन्यवाद.

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मैं आयुर्वेद चिकित्सक हूँ और जड़ी-बूटियों (आयुर्वेद) रस, भस्मों द्वारा लकवा, सायटिका, गठिया, खूनी एवं वादी बवासीर, चर्म रोग, गुप्त रोग आदि रोगों का इलाज करता हूँ।

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