महिला व पुरुष के शारीरिक थकान और अंदरूनी कमजोरी को शीघ्र ही दूर कर देती है ये आयुर्वेदिक जड़ी- बूटियां

हेल्थ डेस्क- आजकल की व्यस्त जिंदगी में लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति पूरा ध्यान नहीं दे पाते हैं. औरतों की कमजोरी कैसे दूर करें? जिसके कारण उन्हें कई प्रकार की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है. व्यस्त जिंदगी के चलते अक्सर लोग शारीरिक थकान और कमजोरी महसूस करने लगते हैं. जिसके कई कारण हो सकते हैं, जिसके कारण उन्हें अंदरूनी कमजोरियों का सामना भी करना पड़ता है यानि यौन से जुड़ी समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है. पुरुषों में शीघ्रपतन, नपुंसकता, मर्दाना, कमजोरी जैसी समस्याएं आने लगती है तो वही महिलाओं में अनियमित मासिक स्राव, मासिक धर्म के दौरान कम रक्त का आना या अधिक रक्त का आना और बांझपन, कामेच्छा में कमी जैसी समस्याएं भी होने लगती है. लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसे आयुर्वेदिक जड़ी- बूटियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसका सेवन ना सिर्फ शारीरिक थकान और कमजोरी को दूर करेगा बल्कि अंदरूनी कमजोरियों को दूर करके भी उपर्युक्त समस्याओं से निजात दिलाने में मदद करेगा.

तो चलिए जानते हैं उन आयुर्वेदिक जड़ी- बूटियों के बारे में.

1 .करें अश्वगंधा का सेवन-

अश्वगंधा का सेवन शारीरिक थकान और कमजोरी को दूर करने के साथ में अंदरूनी कमजोरी को दूर करने के लिए एक चमत्कारी आयुर्वेदिक औषधि मानी गई है. इसका नियमित सेवन करने पर थकान, तनाव और कमजोरी शीघ्र ही दूर हो जाती है. अश्वगंधा पुरुषों में नपुंसकता को दूर करने में बहुत ही लाभदायक होती है. यह पुरुषत्व को बढ़ाने में रामबाण की तरह काम करता है. दूध या पानी के साथ अश्वगंधा चूर्ण का सेवन करने से पुरुषों की यौन क्षमता बढ़ती साथ ही शरीर को एक अलग ही एनर्जी देता है.

महिला व पुरुष के शारीरिक थकान और अंदरूनी कमजोरी को शीघ्र ही दूर कर देती है ये आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां

तो वही महिलाओं के लिए भी यह काफी लाभदायक जड़ी बूटी है. अक्सर ज्यादातर महिलाएं डिप्रेशन और तनाव के शिकार होती हैं. जिसके कारण उन्हें कई तरह की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है. जिसके कारण अंदरूनी बीमारी ने उन्हें घेर लेती है. लेकिन अश्वगंधा का सेवन शारीरिक और मानसिक दोनों तनाव को दूर करता है इसके सेवन से मन शांत होता है. जिससे अंदरूनी कमजोरियां भी दूर हो जाती है.

उपर्युक्त लाभों को प्राप्त करने के लिए महिला व पुरुषों को एक चम्मच की मात्रा में अश्वगंधा चूर्ण का सेवन दूध या पानी के साथ करना चाहिए.

2 .करें शतावरी का सेवन-

शतावरी चूर्ण शरीर की कमजोरी को दूर करके शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा और ताकत प्रदान करता है. शतावरी शारीरिक दुर्बलता दूर करने में काफी लाभदायक होता है. इसके सेवन से महिला व पुरुषों की शारीरिक और अंदरूनी कमजोरियां दूर हो जाती है. पुरुषों में इसके सेवन से शीघ्रपतन, नपुंसकता, वीर्य का पतलापन इत्यादि दूर होकर शुक्राणु मजबूत होते हैं तो वहीं महिलाओं में इसके सेवन मासिक धर्म से जुड़ी समस्याएं दूर होती है. यह महिलाओं के श्वेत प्रदर रोग में अति लाभदायक होता है.

उपर्युक्त लाभ प्राप्त करने के लिए शतावरी चूर्ण का सेवन एक चम्मच की मात्रा में सुबह-शाम दूध या पानी के साथ करना फायदेमंद होता है.

3 .करें शिलाजीत का सेवन-

शिलाजीत महिला और पुरुषों की शारीरिक दुर्बलता को दूर करने के लिए चमत्कारी औषधि है. इसका नियमित सेवन करने से थकान और कमजोरी बहुत जल्द ही दूर हो जाती है. वही इसके सेवन महिला व पुरुषों के कामेच्छा में वृद्धि होती है साथ ही यह ताकतवर होने के कारण महिला व पुरुष की अंदरूनी समस्याओं को दूर करने में भी अति लाभदायक औषधि है.

उपर्युक्त लाभ प्राप्त करने के लिए 250 से 500 मिलीग्राम शिलाजीत का सेवन दूध के साथ करना चाहिए.

4 .करें अंजीर और किशमिश का सेवन-

अंजीर और किशमिश के सेवन से शारीरिक कमजोरी और थकान शीघ्र ही दूर हो जाती है तो वही अंजीर और किशमिश के सेवन से पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या में वृद्धि होती है और महिलाओं में बांझपन की समस्या खत्म हो जाती है. पुरुषों की प्रजनन क्षमता में वृद्धि होती है. अंजीर और किशमिश का सेवन आंखों, त्वचा और बालों के लिए भी काफी लाभदायक होता है.

उपर्युक्त लाभ प्राप्त करने के लिए एक अंजीर और 8-10 किशमिश दूध के साथ सुबह-शाम सेवन करना चाहिए.

नोट- यह लेख शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए योग्य चिकित्सक की सलाह जरूर लें. धन्यवाद.

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मैं आयुर्वेद चिकित्सक हूँ और जड़ी-बूटियों (आयुर्वेद) रस, भस्मों द्वारा लकवा, सायटिका, गठिया, खूनी एवं वादी बवासीर, चर्म रोग, गुप्त रोग आदि रोगों का इलाज करता हूँ।

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