संभोग शक्ति को 10 गुना तक बढ़ा देगा यह आयुर्वेदिक औषधि, जाने बनाने और सेवन करने की विधि

हेल्थ डेस्क- जैसे स्वास्थ्य के लिए खाना- पीना जरूरी है वैसे ही उम्र के अनुसार संभोग भी हमारे सेहत के लिए आवश्यक है. किसी भी समाज की हो या किसी भी धर्म की संभोग को कभी गलत नहीं बताया गया है. जब सारी चीजें आपके विरुद्ध हो जाती है और समस्याएं आने लगती है तब संभोग आपके लिए एक दवा की तरह काम करता है जो धीरे-धीरे नशा का बन जाता है. दुनिया में हर चीज देखने के बाद भी आती है लेकिन संभोग एक ऐसी चीज है जो बिना सीखी ही आ जाती है.

संभोग शक्ति को 10 गुना तक बढ़ा देगा यह आयुर्वेदिक औषधि, जाने बनाने और सेवन करने की विधि
संभोग शक्ति को 10 गुना तक बढ़ा देगा यह आयुर्वेदिक औषधि, जाने बनाने और सेवन करने की विधि

संभोग क्यों जरूरी है ?

सम्भोग करने से न सिर्फ नई पीढ़ी का निर्माण होता है बल्कि यह बात सौ प्रतिशत सच है कि संभोग करने से इंसान की कई सारी बीमारियां दूर हो जाती है. यकीन मानिए जब भी मनुष्य संभोग करता है उस समय उसका सभी अंग हरकत में रहता है और काम करता है. इसलिए यदि इंसान को स्वस्थ रहना है तो उसे उम्र के अनुसार सम्भोग करते रहना भी जरूरी है.

कई लोग संभोग को एक मनोरंजन की तरह करते हैं और करना भी उचित है. संभोग कोई चिंता या तनाव का विषय नहीं है इसलिए ध्यान लगाकर मनोरंजन की तरह इसे करना चाहिए. इतना ही नही सम्भोग पति- पत्नी के बीच के रिश्ते को भी मजबूत करके रखने का एक जरिया है. इससे उनके बीच प्यार बढ़ता है.

संभोग करना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक तो माना ही जाता है लेकिन कब जब हम स्वस्थ हों. हमारे शरीर में इतनी ताकत हो कि हम भरपूर सम्भोग कर सकें. क्योंकि आजकल के व्यस्त जिंदगी में अनियमित खानपान, खानपान में पोषक तत्वों की कमी, बढ़ते तनाव, कुछ लोगों में धूम्रपान, शराब, सिगरेट इत्यादि का अधिक सेवन करने आदि के कारण शारीरिक कमजोरी हो जाती है जिसका प्रभाव उनके संभोग जीवन पर भी पड़ने लगता है. यानी संभोग नहीं कर पाते हैं. ऐसे में वे खुश नही रह पाते हैं और ना ही उनका साथी ही खुश रह पाती है. इसलिए शरीर को स्वस्थ एवं मजबूत होना भी जरूरी है.

आज के समय में कई लोगों की शिकायत रहती है कि उन्हें संभोग में आनंद नहीं आता है. शीघ्रपतन जैसी समस्याएं उन्हें घेर लेती है तो आज हम इस लेख के माध्यम से एक ऐसी आयुर्वेदिक औषधि के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी मदद यौन से जुड़ी लगभग सभी समस्याओं को दूर किया जा सकता है.

तो चलिए जानते हैं उस औषधि के बारे में-

जी हां हम जिस आयुर्वेदिक औषधि के बारे में बात करने जा रहे हैं वह है भांग पाक. यह कई आयुर्वेदिक कंपनियों द्वारा बनी बनाई बाजार में उपलब्ध है.

भांग पाक बनाने की विधि-

इस पाक को बनाने के लिए इन चीजों की आवश्यकता पड़ेगी-

शुद्ध भांग 320 ग्राम.

गाय का दूध 4 किलोग्राम.

चीनी 2.5 किलोग्राम.

गाय का घी आधा किलोग्राम.

छोटी इलायची 10 ग्राम, लौंग 10 ग्राम, रूमी मस्तगी 10 ग्राम, अकरकरा 10 ग्राम, कौंच बीज चूर्ण 10 ग्राम, केसर 10 ग्राम, दालचीनी 10 ग्राम, तेजपत्ता 10 ग्राम, नागकेसर 10 ग्राम, असली तपासिर 10 ग्राम, शतावर 10 ग्राम, जायफल 10 ग्राम, असगंध 10 ग्राम, सफेद मुसली 10 ग्राम, विधारा के बीज 10 ग्राम, पुनर्नवा 10 ग्राम, सिंबल मुसली 10 ग्राम, हर्रे 10 ग्राम, बहेड़ा 10 ग्राम, आंवला 10 ग्राम, हल्दी 10 ग्राम, कालीमिर्च 10 ग्राम, सफेद जीरा 10 ग्राम, काला जीरा 10 ग्राम, पिपली 10 ग्राम, चंदन 10 ग्राम, अगर 10 ग्राम, कपूर 10 ग्राम, जावित्री 10 ग्राम, धनिया 10 ग्राम, अभ्रक भस्म 10 ग्राम, लौह भस्म 10 ग्राम, बंग भस्म 10 ग्राम, चांदी भस्म 10 ग्राम, स्वर्ण भस्म 10 ग्राम, कस्तूरी 10 ग्राम लेना है.

भांग पाक बनाने की विधि-

सबसे पहले भांग को पीसकर चूर्ण बना लें. अब एक कड़ाही को मंद आग पर चढ़ाकर कड़ाही में घी डालें. उसके बाद उसमें भांग डालकर भुन लें. फिर उसमें दूध डालकर कलछी से चलाते रहे. जब यह अच्छी तरह से गाढ़ा हो जाए  तो कड़ाही को आग के नीचे उतार दें. इसके बाद उपर्युक्त सभी जड़ी- बूटियों को पीसकर चूर्ण बना लें और उसमें सभी भस्म आदि को डालकर अच्छी तरह से मिलाकर उसे भी उसमें मिला दें. फिर चीनी को भी पिसकर उसमें मिला दें. सभी को अच्छी तरह से एक दिल करके किसी कांच के बर्तन में सुरक्षित रख लें. आपका भांग पाक तैयार हो गया.

सेवन करने की विधि-

इसमें से 3 से 5 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम दूध के साथ सेवन करें. आवश्यकतानुसार मात्रा घटाई- बढ़ाई जा सकती है.

भांग पाक सेवन करने के फायदे-

इस पाक के सेवन संभोग शक्ति में वृद्धि होती है. इसके सेवन से मर्दाना कमजोरी दूर हो जाती है. इसके सेवन से मन को शांति मिलती है संभोग के दौरान आनंद की प्राप्ति होती है.

इस औषधि के सेवन से ना सिर्फ संभोग शक्ति बढ़ाता है बल्कि संग्रहणी जैसे घातक रोग में भी बहुत लाभदायक होता है.

इसके सेवन से भूख अच्छी लगती है.

पांडुरोग, नींद ना आना, बाबासीर आदि रोगों में भी यह बहुत ही अच्छा लाभदायक है.

इसके नियमित सेवन करने से आदमी कामदेव जैसा सुंदर हो जाता है क्योंकि इसमें जितने भी जड़ी- बूटियां मिली हुई है वह पौष्टिक और काफी ताकतवर है.

इसके नियमित सेवन करने से शीघ्रपतन, शुक्राणु का कमजोर होना, शुक्राणु की कमी, नपुंसकता, मर्दाना कमजोरी, संभोग से पहले भी लिंग का मुरझा जाना इत्यादि समस्याएं दूर हो जाती है.

इस पाक का नियमित और संतुलित मात्रा में सेवन किया जाए तो यह दिमाग को शांत रखता है. तनाव से मुक्ति देता है और इसके सेवन से नींद अच्छी आती है.

नोट- यह लेख शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है. किसी भी प्रयोग से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह जरूर लें. धन्यवाद.

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मैं आयुर्वेद चिकित्सक हूँ और जड़ी-बूटियों (आयुर्वेद) रस, भस्मों द्वारा लकवा, सायटिका, गठिया, खूनी एवं वादी बवासीर, चर्म रोग, गुप्त रोग आदि रोगों का इलाज करता हूँ।

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