कब्ज क्या है ? जाने कारण, लक्षण और रामबाण आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

हेल्थ डेस्क- कब्ज रोजमर्रा की एक आम समस्या है. कब्ज की समस्या भले ही सुनने में बहुत छोटी लगती है लेकिन यह स्वास्थ्य से जुड़ी कई परेशानियों को जन्म दे सकती है. कई बार तो कब्ज की समस्या इतनी अधिक हो जाती है कि कुछ भी कर पाने की हालत में नहीं होते हैं. ऐसे में हम कई बार राहत पाने के लिए दवाएं भी खा लेते हैं जो सेहत को और भी नुकसान पहुंचा सकती है. इसलिए हम अक्सर गैस जैसी समस्या से निपटने के लिए घरेलू नुस्खों का तलाश करते हैं तो चलिए आज हम इस लेख के माध्यम से कब्ज क्या है? इसके कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक नुस्खों के बारे में बताएंगे.

कब्ज क्या है ? जाने कारण, लक्षण और रामबाण आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

कब्ज क्या है ?

कब्ज पेट से जुड़ी समस्या है जिसमें पेट का साफ ना होना, हमेशा मल त्याग की इच्छा बने रहना लेकिन मल त्याग का नहीं होना, पेट में भारीपन बना रहना जिसे कब्ज कहा जाता है.

पेट में कब्ज होने के क्या कारण है ?

समय पर भोजन ना करना, बासी और अधिक चिकनाई वाला भोजन, मैदा आदि से बनाया गया अधिक सेवन करना, मांसाहारी भोजन करना, भोजन में फाइबर की कमी, अधिक भारी भोजन अधिक खाना, शौच को रोकने की आदत, शारीरिक श्रम ना करना, विश्राम की कमी, हमेशा तनाव में रहना, आंतों का कमजोर होना, भरपूर मात्रा में पानी नहीं पीना, गंदगी में रहना, मादक द्रव्यों का अधिक सेवन करना, कुछ एलोपैथिक दवाइयों के दुष्प्रभाव के कारण, भोजन के साथ अधिक पानी पीने, मिर्च- मसालेदार तथा तले हुए पदार्थ जैसे पूड़ी- कचौड़ी, नमकीन, चाट- पकौड़े खाना, अधिक गुस्सा करना, दुख, आलस्य आदि कारणों से कब्ज की समस्या हो जाती है.

कब्ज के लक्षण क्या हैं ?

पेट साफ नहीं होना कब्ज के मुख्य लक्षण है. सिर में दर्द होना, अरुचि होना, बवासीर होना, गृध्रसी वात, मल त्याग करने में अधिक परेशानी होना, मल त्याग करने पर बहुत कमल निकलना, कभी-कभी तो कई दिनों तक मल त्याग का ना होना, मल कटोर या गांठ के रूप में होना, मल त्याग करने की इच्छा होना लेकिन शौच करने के लिए बैठने पर मल त्याग का ना होना, मल का कड़ा होना, मल के साथ खून आना आदि कब्ज के लक्षणों में शामिल है.

कब्ज दूर करने के घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय-

1 .अजवाइन और काला नमक को पीसकर चूर्ण बना लें. अब इस चूर्ण को पानी के साथ खाना खाने के बाद सेवन करने से कब्ज से राहत मिलता है.

2 .सनाय की पत्ती 50 ग्राम, सौंफ 100 ग्राम और मिश्री 20 ग्राम को चूर्ण बनाकर सुरक्षित रख लें. अब इसमें से 10 ग्राम चूर्ण गर्म पानी के साथ खाने से कब्ज के रोग में काफी राहत मिलता है.

3 .रात को सोते समय एक कप गर्म दूध में 5 मिलीलीटर घी मिलाकर मिश्री के साथ सेवन करने से कब्ज में अच्छा लाभ होता है.

महिलाओं को वजन घटाने के लिए स्वस्थ आहार और व्यायाम क्या है ? जानें विस्तार से

4 .सरसों के तेल से पेट की मालिश करने से भी कब्ज से राहत मिलता है.

5 .त्रिफला को भी आप कब्ज दूर करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. त्रिफला खाकर आप कब्ज को दूर कर सकते हैं. त्रिफला एक हर्बल औषधि है यह 3 फलों हर्रे, बहेड़ा और आंवला से मिलकर बनता है. कब्ज से राहत पाने के लिए त्रिफला का इस्तेमाल करना भी बहुत आसान है. इसके लिए आपको एक चम्मच त्रिफला को एक कप गर्म पानी में 10 मिनट तक छोड़ना होगा. इसके बाद इस पानी को रात को सोने से पहले पी लें. कब्ज से काफी आराम मिलेगा.

6 .बेल कब्ज का सबसे बड़ा शत्रु है. चैत्र, वैशाख और ज्येष्ठ में पके बेल आते हैं जो पके बेल का सेवन करते हैं उन्हें कब्ज नहीं होता है. अन्य महीनों में कच्चे बेल का मुरब्बा खाना चाहिए. बेल का गूदा पेट में जाते ही आगे बढ़ने लगता है और आंतों में चिपकी मल को धकेल कर मलाशय में पहुंचा देता है. शौच महसूस होते ही मल सरलता से बाहर निकल जाता है.

7 .गुलाब फूल की पत्तियों से बना गुलकंद 25 ग्राम खाकर एक गिलास गर्म दूध सोते समय पी लें. इससे कब्ज दूर होगा.

8 .रात को सोने से पहले एक चम्मच शहद एक गिलास ताजे पानी में मिलाकर पिए कब्ज नहीं होगा.

9 .रात को सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ 3 ग्राम सौंफ का चूर्ण सेवन करने से कब्ज में लाभ होता है.

10 .सुबह उठकर खाली पेट सेब खाने से भी कब्ज की समस्या दूर होती है.

11 .सुबह उठने पर बिना कुछ खाए यानी खाली पेट चार-पांच मुनक्का खाने से कब्ज दूर होता है.

12 .अरंडी के तेल में देख हुई छोटी हरे को महीन पीस लें और ईसबगोल की भूसी बराबर मात्रा में मिलाकर सुरक्षित रख लें. अब इस मिश्रण को एक या दो चम्मच की मात्रा में मुंह में डालकर ऊपर से एक गिलास पानी पी लें. यह काम रात्रि में सोते समय करें सुबह पेट अच्छी तरह से साफ हो जाएगा और कब्ज से छुटकारा मिलेगा.

13 .गर्म दूध के साथ ईसबगोल की भूसी या गुलकंद सेवन करने से शौच खुलकर आता है. बवासीर रोग से ग्रस्त रोगियों को भी इसका सेवन करना चाहिए. गाय का ताजा दूध तलवों पर रगड़ने से भी बवासीर में राहत मिलती है.

14 .कब्ज से तुरंत राहत पाने के लिए नींबू का रस गर्म पानी में मिलाकर रात को सोते समय पीने से सुबह पेट साफ होता है.

15 .त्रिफला गुग्गुल की दो- दो गोलियां दिन में तीन बार गर्म पानी के साथ सेवन करने से पुराना से पुराना कब्ज से राहत मिलता है.

16 .अजवायन 10 ग्राम, पीपल 10 ग्राम और सेंधा नमक 10 ग्राम को बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर सुरक्षित रख लें. अब इस चूर्ण में से 3 स 5 ग्राम हल्के गर्म पानी के साथ सेवन करने से पुरानी कब्ज भी समाप्त हो जाती है. कुछ दिन लगातार इसका सेवन करना चाहिए.

17 .कब्ज नहीं रहे इसके लिए पहला काम आपको सूर्योदय से पहले उठकर एक- दो गिलास पानी पीना है. इसे उषःपान कहते हैं. इसके बाद कुछ देर टहलना और शौच जाना, भोजन समय पर करना और खूब चबाकर भोजन करना कब्जियत से दूर रखने में काफी मदद करेगा.

18 .तली- भुनी चीजें ना खाएं, मैदा की बनी चीजें बिल्कुल ना खाए, भोजन हल्का, सुपाच्य और संतुलित हो इसका ध्यान रखें. रात को भोजन सोने के कम से कम 2 घंटे पहले जरूर कर लें. भोजन करते समय आप भोजन के तुरंत बाद पानी न पिएं.

19 .कब्ज की समस्या से छुटकारा पाने के लिए सोते समय एक गिलास गर्म दूध पीना चाहिए. जिन्हें दूध नहीं पचता हो या पीने का मन नहीं करता हो उन्हें एक गिलास पानी पीना चाहिए.

20 .नित्य योगासन करें. कब्ज नहीं रहेगा. योगासनों में पश्चिमोत्तानासन, वज्रासन, उत्तानपादासन और पवन मुक्तासन आदि कब्ज दूर करने में काफी मददगार होते हैं.

नोट- यह लेख शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है. किसी भी प्रयोग से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह जरूर लें. धन्यवाद.

ayurvedgyansagar.com पर पढ़ें-

हिस्टीरिया रोग क्या है ? जाने के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

जानें- बेहोशी होने के कारण, लक्षण और आपातकालीन उपचार

कमर दर्द ( कटि वेदना ) होने के कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपचार

श्वसनीविस्फार ( ब्रोंकाइटिस ) होने के कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपचार

कंपवात रोग क्या है? जाने कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

बदलते मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार जैसी समस्या से छुटकारा पाने के घरेलू नुस्खे

वृक्क पथरी क्या है ? जाने कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

प्रतिश्याय ( सर्दी ) क्यों हो जाती है ? जानें कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय

बुढ़ापे में भी मर्दाना कमजोरी दूर करने के 9 घरेलू उपाय

चेचक क्या है ? जाने कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय

आमाशय व्रण ( पेप्टिक अल्सर ) क्या है ? जाने कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय

उन्डूकपुच्छशोथ ( Appendicitis ) क्या है? जानें कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय

हैजा रोग क्या है ? जानें कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय

सर्दियों में सिंघाड़ा खाने के फायदे

अफारा (Flatulence ) रोग क्या है ? जाने कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

जठर अत्यम्लता ( Hyperacidity ) क्या है ? जाने कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

हिचकी क्या है? जाने कारण, लक्षण एवं घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय

विटामिन डी क्या है ? यह हमारे शरीर के लिए क्यों जरूरी है ? जाने प्राप्त करने के बेहतर स्रोत

सेहत के लिए वरदान है नींबू, जाने फायदे

बच्चों को मिर्गी होने के कारण, लक्षण, उपचार एवं बचाव के तरीके

हींग क्या है ? जाने इसके फायदे और इस्तेमाल करने के तरीके

गठिया रोग संधिशोथ क्या है ? जाने कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

पुरुषों को नियमित करना चाहिए इन चीजों का सेवन, कभी नही होगी कमजोरी की समस्या

सोना, चांदी आदि धातु से बने गहने पहनने के क्या स्वास्थ्य लाभ होते हैं? जरुर जानिए

दूध- दही नहीं खाते हैं तो शरीर में कैल्शियम की पूर्ति के लिए करें इन चीजों का सेवन

मर्दाना शक्ति बिल्कुल खत्म हो चुकी है उनके लिए अमृत समान गुणकारी है यह चूर्ण, जानें बनाने और सेवन करने की विधि

स्पर्म काउंट बढ़ाने में इस दाल का पानी है काफी फायदेमंद, जानें अन्य घरेलू उपाय

एक नहीं कई बीमारियों का रामबाण दवा है आंवला, जानें इस्तेमाल करने की विधि

रात को सोने से पहले पी लें खजूर वाला दूध, फायदे जानकर हैरान रह जाएंगे

महिला व पुरुषों में प्रजनन क्षमता बढ़ाने के कारगर घरेलू उपाय

दिल और दिमाग के लिए काफी फायदेमंद है मसूर दाल, मोटापा को भी करता है नियंत्रित

कई जटिल बीमारियों का रामबाण इलाज है फिटकरी, जानें इस्तेमाल करने के तरीके

पेट में कृमि ( कीड़ा ) होने के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

पित्ताशय में पथरी होने के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

 

जानें- स्वास्थ्य रक्षा की सरल विधियां क्या है ?

सारस्वतारिष्ट बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

बाजीकरण चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

अश्वगंधादि चूर्ण बनाने की विधि उपयोग एवं फायदे

शतावर्यादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

स्वादिष्ट विरेचन चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

शतपत्रादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

लवण भास्कर चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

अमृतारिष्ट बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

गंधक रसायन चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

महामंजिष्ठादि क्वाथ बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

योगराज और महायोगराज गुग्गुल बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

आयुर्वेद के अनुसार किस ऋतु में कौन सा पदार्थ खाना स्वास्थ्य के लिए हितकर होता है, जानें विस्तार से

ब्रेन ट्यूमर होने के कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपचार

श्रीखंड चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

ब्राह्मी चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

बिल्वादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

तालीसादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

सितोपलादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

दाड़िमपुष्प चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग और फायदे

मुंहासे दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय

सफेद बालों को काला करने के आयुर्वेदिक उपाय

गंजे सिर पर बाल उगाने के आयुर्वेदिक उपाय

कर्पूरासव बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

वासासव बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

मृगमदासव बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

द्राक्षासव बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

अर्जुनारिष्ट बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

खदिरारिष्ट बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

चंदनासव बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

महारास्नादि क्वाथ बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

रक्तगिल चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

नारसिंह चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

कामदेव चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

शकाकलादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

विदारीकंदादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

प्रद्रांतक चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

माजूफलादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

मुसल्यादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

सारिवादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

कंकोलादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

प्रवालादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

जातिफलादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

अद्रकासव बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

लोहासव बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

औषधि प्रयोग के लिए पेड़- पौधों से कब लेना चाहिए फल, फूल, छाल, पत्ते व जड़ी- बूटियां ?

दिल की धड़कन रोग क्या है ? जाने कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

अपतानिका ( Tetany ) रोग क्या है? जानें कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय

शरीर की कमजोरी, थकान, खून की कमी दूर कर मर्दाना ताकत को बेहतर बढ़ाती है ये 12 चीजें

मर्दाना कमजोरी दूर करने के लिए बेहतर उपाय है किशमिश और शहद का ये नुस्खा, जानें इस्तेमाल करने के तरीके

जाड़े में कमर और जोड़ों के दर्द के लिए रामबाण है मेथी का लड्डू, जाने बनाने की विधि

श्वेत प्रदर रोग होने के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपचार

Share on:

मैं आयुर्वेद चिकित्सक हूँ और जड़ी-बूटियों (आयुर्वेद) रस, भस्मों द्वारा लकवा, सायटिका, गठिया, खूनी एवं वादी बवासीर, चर्म रोग, गुप्त रोग आदि रोगों का इलाज करता हूँ।

Leave a Comment