मासिक धर्म क्या है ? इस दौरान शारीरिक संबंध बनाना चाहिए या नहीं ? जाने विस्तार से

हेल्थ डेस्क- मासिक धर्म को रजोधर्म, मासिक स्राव, माहवारी, बीजरक्त, पुष्प, असृक, आर्तव शोणित, आर्तव स्राव  तथा अंग्रेजी में Menstruation या Monthly Course कहते हैं. कहीं. कहीं इसे रजोदर्र्मशन, आर्तवागम और ऋतुधर्म भी कहा जाता है.

मासिक धर्म क्या है ? इस दौरान शारीरिक संबंध बनाना चाहिए या नहीं ? जाने विस्तार से

मासिक धर्म क्या है ?

जब महिला संतान को जन्म देने योग्य हो जाती है तो गर्भाशय से प्रत्येक महीने श्लेष्मकला श नियमित रूप से जो रक्त बहता है उसे रजःस्राव या मासिक धर्म कहते हैं. मासिक धर्म 12 से 14 वर्ष की उम्र से शुरू होकर 45 से 50 वर्ष की अवस्था तक नियमित रूप से चलता है. हालाँकि मासिक धर्म लड़की या महिला के खानपान और रहन सहन पर भी निर्भर करता है. इसलिए कुछ लड़कियों में 10 बर्ष कि उम्र में ही मासिक धर्म शुरू हो जाता है तो कुछ महिलाओं में 35- 40 बर्ष कि उम्र में ही ख़त्म हो जाता है. इस समय ही महिला के डिंब ग्रंथि से परिपक्व डिम्ब निकलता है जो पुरुष शुक्राणु से मिलकर गर्भ स्थापन का कार्य पूरा करता है. मासिक धर्म का समय लगभग 3 से 7 दिन का होता है. मासिक धर्म के 11 या 12वें दिन डिम्ब का क्षरण होता है.

मासिक धर्म का एक चक्र चलता है जिसमें न केवल गर्भाशय और उसकी अंतःकला भाग लेता है बल्कि बीज ग्रंथियां व अन्य द्वितीयक लैंगिक अंग भी भाग लेते हैं.

मासिक धर्म के दौरान महिलाओं कई तरह की शारीरिक एवं मानसिक परिवर्तन भी होते हैं जैसे-

  • श्रोणी का विकास
  • वाह्य जननेंद्रिय का विकास.
  • स्तनों का पुष्ट होना- स्तन कुछ बढ़कर अधिक संवेदनशील हो जाता है.
  • लड़कियों में लज्जाशीलता आ जाती है.
  • मासिक धर्म होने पर लड़कियों में कामवासना का उदय होता है. जिससे वे कामुक हो उठती हैं.
  • मासिक धर्म शुरू होने से 21-4 दिन पहले और बंद होने तक महिलाओं में एक प्रकार की सुस्ती एवं भोजन के प्रति अरुचि हो जाती है.महिलाएं कमर, कूल्हों तथा पेडू में भारीपन तथा दर्द का भी अनुभव करती हैं.
  • महिलाओं का स्वभाव मासिक धर्म के दौरान प्रायः तीखा एवं चिडचिडा हो जाता है.
  • उनकी तबियत भारी हो जाती है. सिर में दर्द होता है.किसी- किसी महिला को कब्ज तथा पेचिस की भी समस्या हो जाती है.
  • मासिक धर्म के समय महिलाओं की नाड़ी गति धीमी पड़ जाती है और रक्तचाप कुछ बढ़ जाता है.
  • मासिक धर्म के दिनों में एक तिहाई महिलाओं को काफी जोरों की वेदना, एक तिहाई महिलाओं को मामूली पीड़ा और बाकी एक तिहाई महिलाओं को पीड़ा नही होती है.

मासिक धर्म के दौरान शारीरिक संबंध बनाना चाहिए या नहीं ?

मासिक धर्म क्या है ? इस दौरान शारीरिक संबंध बनाना चाहिए या नहीं ? जाने विस्तार से

मासिक धर्म के दौरान योनि अत्यंत भीगी हुई होने से शारीरिक संबंध सुखकर ( आनंददायक ) नहीं होता है. इसके अलावे ऊपर से कुछ खतरे भी उत्पन्न हो जाते हैं. मासिक धर्म के समय शारीरिक संबंध बनाने से महिलाओं का रक्तस्राव बढ़ जाता है. साथ ही यदि पुरुष को कोई गुप्त रोग गर्मी, सूजाक इत्यादि है तो वह भी अति शीघ्र संक्रमित हो जाती है. इसके अतिरिक्त मासिक धर्म के दिनों में महिलाओं के गुप्त रोग भी हो तो वह भी बढ़ जाते हैं. ऐसी स्थिति में उन महिलाओं के साथ शारीरिक संबंध बनाने वाला पुरुष भी उस रोग का शिकार बन जाता है. अतः मासिक धर्म के दिनों में संयम बनाए रखना जरूरी है. फिर महिला जननेंद्रिय इन दिनों इतनी अधिक भीगी हुई एवं दुर्गंध युक्त होती है कि शारीरिक संबंध के समय पुरुष को सुख की अनुभूति के बदले अरुचि भी उत्पन्न हो सकती है. साथ ही उसका बुरा और स्थाई मानसिक प्रभाव पड़ने का भी डर बना रहता है.

मासिक के दिनों में शारीरिक संबंध बनाने से रक्त प्रवाह भीषण रूप से भी बढ़ सकता है. इस समय में शारीरिक संबंध बनाने से कभी-कभी महिला का मासिक धर्म सदा के लिए भी बंद हो सकता है. जिस प्रकार बहते हुए पानी में कोई वस्तु गिरने से वह उसके प्रवाह में बह जाता है उसी प्रकार रजस्वला महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाने से पुरुष वीर्य भी स्राव के साथ बह जाता है और वह नष्ट हो जाता है. इसलिए भी गर्भधारण की संभावना नही रहती है.

शास्त्रकारों का यहां तक कहना है कि इससे पुरुष की आयु भी कम हो जाती है. यदि किसी कारण गर्भ ठहर भी जाता है तो वह पुष्ट नहीं होता या असमय में ही गर्भस्राव या गर्भपात हो जाता है.

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इस प्रकार स्पष्ट है कि इस अवस्था में न तो वैज्ञानिक दृष्टि से और न ही धार्मिक दृष्टि से और ना सौंदर्य गत पहलू से ही शारीरिक संबंध बनाना उचित है. लेकिन ऐसा भी देखा गया है कि कुछ महिलाएं मासिक धर्म के समय काम उत्तेजना प्रबल इच्छा का अनुभव करती हैं और शारीरिक संबंध बनाने के लिए उत्तेजित हो उठती हैं. कुछ पुरुषों को भी इस काल में महिला के मासिक स्राव की गंध से कामवासना जागृत होती है. ऐसे महिला- पुरुषों के लिए शारीरिक संबंध हानि कर भले ही ना हो सुख कर तो कदापि नहीं हो सकती है. अतः इस अवधि में महिला- पुरुष दोनों को ही शारीरिक संबंध बनाने से दूर रहना ही बेहतर है.

मासिक धर्म क्या है ? इस दौरान शारीरिक संबंध बनाना चाहिए या नहीं ? जाने विस्तार से

नोट- अब आप इस लेख को पढ़ने के बाद समझ गए होंगे कि मासिक धर्म के दौरान शारीरिक संबंध बनाना चाहिए या नहीं ? यह लेख शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है अधिक जानकारी के लिए योग्य चिकित्सक की सलाह जरूर लें. धन्यवाद.

स्रोत- स्त्री रोग चिकित्सा पुस्तक.

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मैं आयुर्वेद चिकित्सक हूँ और जड़ी-बूटियों (आयुर्वेद) रस, भस्मों द्वारा लकवा, सायटिका, गठिया, खूनी एवं वादी बवासीर, चर्म रोग, गुप्त रोग आदि रोगों का इलाज करता हूँ।

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