गर्भवती महिला की इच्छा का संतान पर क्या प्रभाव पड़ता है ? जाने विस्तार से

हेल्थ डेस्क- गर्भवती में इच्छाशक्ति अच्छी तरह से चौथे महीने में उत्पन्न होती है. उस समय तक गर्भ स्थित बालक का ह्रदय बन जाता है और माता की इच्छा में बच्चे की इच्छा भी मिली रहती है अतएवं माता की इच्छा का भला- बुरा प्रभाव संतान पर निम्न प्रकार से पड़ा करता है-

गर्भवती महिला की इच्छा का संतान पर क्या प्रभाव पड़ता है जाने विस्तार से
गर्भवती महिला की इच्छा का संतान पर क्या प्रभाव पड़ता है जाने विस्तार से

1 .यदि गर्भवती को शारीरिक सम्बन्ध बनाने की इच्छा रहती हो तो निर्लज्ज और विकलांग संतान उत्पन्न होती है.

2 .यदि गर्भवती पराए धन के हरने की इच्छा रखती है ईर्ष्या वाली संतान उत्पन्न होती है.

3 .यदि गर्भवती को सूअर का मांस खाने की इच्छा हो तो लाल नेत्र वाली, हत्यारी, कसाई, निर्दई, अत्याचारी, वीर तथा कुछ- कुछ कठोर रोम वाली संतान उत्पन्न होती है.

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4 .यदि गर्भवती महिला को राजा की दर्शन की इच्छा हो तो धनवान और भाग्यशाली संतान उत्पन्न होती है.

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5 .यदि गर्भवती महिला को उत्तम वस्त्र तथा आभूषण के पहनने की इच्छा हो तो शौकीन संतान उत्पन्न होती है.

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6 .यदि गर्भवती महिला को महात्मा और देवताओं के दर्शन की इच्छा हो तो धर्मशील संतान उत्पन्न होती है.

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8 .यदि गर्भवती महिला को सर्प आदि देखने की इच्छा हो तो हिंसा करने वाली संतान उत्पन्न होती है.

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9 .यदि गर्भवती महिला को रास्ता चलने की इच्छा हो तो बड़ी-बड़ी जांघों और वन में बिचरने वाली संतान उत्पन्न होती है.

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10 .यदि गर्भवती महिला को धन जमा करने की इच्छा हो तो कंजूस संतान का जन्म होती है.

11 .यदि गर्भवती महिला नाच- गानें की इच्छा हो तो रसीक और संगीत प्रिय संतान उत्पन्न होती है.

12 .यदि गर्भवती महिला लिखने- पढ़ने की इच्छा हो तो. विद्वान तथा कलाकार संतान उत्पन्न होती है

13 .यदि गर्भवती महिला को शिकार करने की इच्छा हो तो हिंसक संतान उत्पन्न होती है.

14 .यदि गर्भवती महिला को खेलने की इच्छा हो तो खिलाड़ी और हंसमुख संतान उत्पन्न होती है.

15 .यदि गर्भवती महिला को श्रेष्ठ और पूज्य जनों से मिलने की इच्छा हो तो सदाचारी संतान उत्पन्न होती है.

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16 .यदि गर्भवती महिला को किसी स्नेही से मिलने की इच्छा हो तो मिलनसार संतान उत्पन्न होती है.

17 .यदि गर्भवती महिला को सम्भोग के लिए किसी पुरुष से मिलने की इच्छा हो तो बदचलन पुत्र और यदि कन्या हो तो कुकर्म करने वाली चरित्र भ्रष्टा उत्पन्न होती है.

18 .यदि गर्भवती महिला को श्रृंगार करने की इच्छा हो तो शौकीन संतान उत्पन्न होती है.

19 .यदि गर्भवती महिला को अपनी इच्छा के अनुसार मनमाना पदार्थ ना मिलने से गर्भ का बालक बौना, कूबड़ा, पागल, मूर्ख और नेत्र विकार वाला उत्पन्न हो सकता है.

नोट- कहा जाता है कि गर्भवती महिला जैसी इच्छा रखती है उसके इच्छा का प्रभाव उससे होने वाले संतान पर पड़ता है और जन्म के बाद उस बालक में या बालिका में वैसे ही गुण हो जाते हैं जैसी इच्छा गर्भावस्था के दौरान माता रखती है.

स्रोत-. एलोपैथिक गाइड

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मैं आयुर्वेद चिकित्सक हूँ और जड़ी-बूटियों (आयुर्वेद) रस, भस्मों द्वारा लकवा, सायटिका, गठिया, खूनी एवं वादी बवासीर, चर्म रोग, गुप्त रोग आदि रोगों का इलाज करता हूँ।

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