वीर्य में शुक्राणु की संख्या बढ़ाने के लिए क्या करें ? जाने आसान एवं घरेलू उपाय

हेल्थ डेस्क- एक पुरुष के लिए सेक्स क्षमता मजबूत होना या वीर्य की मात्रा अधिक होना ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या भी प्रचुर मात्रा में होना आवश्यक है क्योंकि यदि वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या कम है तो यह अंडे को निषेचित नहीं कर सकता है. महिला साथी को गर्भधारण करने में मदद नहीं कर सकता है. शुक्राणु पुरुष प्रजनन कोशिकाएं हैं जो वीर्य में मौजूद होती है. अगर आप महिला साथी को गर्भधारण कराने की कोशिश कर रहे हैं तो वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या होना महत्वपूर्ण हो सकता है. एक असामान्य शुक्राणु की संख्या एक अंतर्निर्मित स्वास्थ्य स्थिति का भी संकेत देती है.

वीर्य में शुक्राणु की संख्या बढ़ाने के लिए क्या करें ? जाने आसान एवं घरेलू उपाय

शुक्राणु की पूर्ण अनुपस्थिति को एजोस्पर्मिया कहा जाता है और कम शुक्राणु की संख्या को ओलिगोस्पर्मिया कहा जाता है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 15 मिलियन शुक्राणु प्रति मिलीलीटर वीर्य और 39 मिलियन शुक्राणु प्रति स्वखलन से कम होने पर शुक्राणुओं की संख्या कम माना जाता है.

इस लेख में हम आपको वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या को बढ़ाने के घरेलू उपाय और तरीका के बारे में बताने की कोशिश करेंगे.

वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने के उपाय-

1 .ग्रीन- टी-

वीर्य में शुक्राणु की संख्या बढ़ाने में ग्रीन टी मदद कर सकता है क्योंकि ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शुक्राणुओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाती है. ग्रीन टी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है और अंडे को निषेचित करने के लिए शुक्राणु की सुविधा के लिए ग्रीवा बलगम को बढ़ाती है. इसके लिए बिना किसी चीनी और दूध वाली ग्रीन- टी तैयार करें और भोजन के बाद दिन में कम से कम 2 बार पिएं.

2 .लहसुन-

कई रोगों को दूर करने की शक्ति रखने वाला लहसुन भी शुक्राणुओं की संख्या बनाने का अच्छा उपाय है. लहसुन में सल्फर प्रचुर मात्रा में होता है और लहसुन में क्लींजिंग गुण भी होते हैं जो रक्त के प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए धमनियों से अशुद्धियों को दूर करते हैं. बांझपन में खराब रक्त प्रवाह का योगदान होता है. लहसुन में जिंक भी होता है जो टेस्टोस्टेरोन शुक्राणु गतिशीलता और शुक्राणु की संख्या बढ़ाने के लिए जाना जाता है. इसके लिए कच्चे लहसुन को कुचल कर शहद में मिलाकर सुबह खाली पेट खाना चाहिए. प्रतिदिन दो से चार कच्चे लहसुन शुक्राणुओं की संख्या को सुनिश्चित कर सकता है.

3 .जिन्सेंग-

जिन्सेंग का उपयोग मुख्य रूप से चीनी चिकित्सा में तनाव को कम करने के लिए किया जाता है. परंतु इसका पुरुष प्रजनन क्षमता पर भी प्रभाव पड़ता है क्योंकि जिन्सेंग टेस्टोस्टेरोन स्तर को बढ़ाता है जो बदले में पुरुषों को शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में मदद करता है. इसके लिए जिन्सेंग का सेवन दवाइयों और सप्लीमेंट के रूप में किया जा सकता है.

4 .अश्वगंधा-

अश्वगंधा का इस्तेमाल महिला व पुरुष के रोगों को दूर करने के लिए सदियों से किया जाता रहा है. अश्वगंधा बहुत ही पुरानी जड़ी- बूटियों में से एक है जिसके कई स्वास्थ्य लाभ आयुर्वेद में बताए गए हैं. यह पुरुषों में शुक्राणु की संख्या में वृद्धि और तनाव के स्तर को कम करने के लिए जाना जाता है जो गुप्त अंगों में रक्त प्रवाह रोकते हैं. इसके लिए अश्वगंधा के सप्लीमेंट को 500 से 600 मिलीग्राम की खुराक सेवन किया जा सकता है अथवा अश्वगंधा जड़ी को पीसकर पाउडर बनाकर सुरक्षित रख लें. अब इसका आधा से 1 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम दूध के साथ सेवन करें.

5 .मेथी के बीज-

मेथी के बीज का इस्तेमाल आयुर्वेद में कई रोगों को दूर करने के लिए किया जाता है. लेकिन यह पुरुष बांझपन और पुरुषों के अन्य समस्याओं को दूर करने में भी अहम भूमिका निभाता है. यौन रूचि में सुधार के लिए पुरुष और महिला दोनों को मेथी का सेवन करना चाहिए. मेथी में furostanolic saponins नामक यौगिक मौजूद होते हैं जो टेस्टोस्टेरोन उत्पादन को बढ़ाने के लिए मददगार होते हैं. इसके लिए मेथी को लाल होने तक भून लें और पीसकर पाउडर बना लें. अब इसमें से आधा से 1 ग्राम पाउडर दूध के साथ सुबह- शाम सेवन करें.

6 .माका रूट-

माका रूट सप्लीमेंट में से एक है जो पुरुषों और महिलाओं दोनों में मजबूत प्रजनन क्षमता बढ़ाने वाले प्रभाव डालते हैं. माका पाउडर देशी पेरु के मैंका रूट प्लांट से बनाया जाता है और ब्लैक मैका स्पर्म की गतिशीलता और गिनती में सुधार करता है. इसके लिए 3 महीने तक प्रतिदिन 1.75 ग्राम माका रूट पाउडर का सेवन करने से भी स्वस्थ पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या और गतिशीलता वृद्धि होती हुई देखी गई है.

वीर्य में शुक्राणु की संख्या बढ़ाने के लिए क्या करें ? जाने आसान एवं घरेलू उपाय

शुक्राणुओं की संख्या को बेहतर बनाने के लिए खाने में क्या खाएं ?

जिंक युक्त खाद्य पदार्थ-

जिंक ने शुक्राणुओं की संख्या गुणवत्ता को विनियमित करने की भूमिका निभाई है जो पुरुष बांझ होते हैं वे पुरुषों की तुलना में कम जस्ता स्तर रखते हैं जो उपजाऊ होते हैं. जिंक युक्त आहार खाकर आप अपना शुक्राणु की संख्या को बढ़ा सकते हैं जैसे-

दूध और दूध से बने उत्पाद.

लाल मांस और मुर्गा.

शंख जैसे केकड़ा और झींगा मछली.

गढ़वाले नाश्ता अनाज.

बींस और ड्राई फ्रूट्स.

पूरे गेहूं अनाज उत्पाद.

विटामिन B-12 युक्त खाद्य पदार्थ

विटामिन B-12 समग्र शुक्राणु स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है इसके नियमित सेवन करने से शुक्राणु की गतिशीलता में सुधार होता है. शुक्राणुओं की संख्या बढ़ जाती है और शुक्राणु डीएनए की क्षति को कम करता है.

विटामिंस सी युक्त खाद्य पदार्थ-

विटामिन सी एक एंटीऑक्सीडेंट है जो पुरुष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. विटामिन सी का सिलेबस बढ़ाने से शुक्राणुओं की संख्या व गतिशीलता में सुधार होता है.जैसे-

खट्टे फल और उनके रस.

शिमला मिर्च.

अन्य फल जैसे कि स्ट्रॉबेरी.

अन्य सब्जियां जैसे- टमाटर, ब्रोकली, ब्रुसेल्स स्प्राउट्स, गोभी, आलू.

दूध और दूध से बने उत्पाद.

विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थ-

पुरुषों में कम विटामिन डी कमजोर हड्डियों का कारण बनता है. विटामिन डी का दैनिक जीवन हार्मोन उत्पादन में सुधार और वीर्य की गुणवत्ता में सुधार करके पुरुष प्रजनन क्षमता को बढ़ाता है.

विटामिन डी प्राप्त करने के लिए –

मछली जैसे सैल्मान और टूना.

गोमांस जिगर.

पनीर, अंडे की जर्दी.

दूध दही मशरूम इत्यादि का सेवन कर सकते हैं.

शुक्राणु बढ़ाने का तरीका के लिए कुछ सुझाव-

संतुलित भोजन लें.

जिंक, विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें.

बहुत ज्यादा सोया खाने से परहेज करें.

नियमित व्यायाम को अपने दैनिक कार्यों में शामिल करें.

धूम्रपान से दूरी बनाकर रखें.

अपने जीवन से तनाव को अलविदा कर दें.

अपने साथी के साथ रोमांटिक बातचीत करें.

कम से कम 7 से 8 घंटे की भरपूर नींद लें.

वजन को नियंत्रित करके रखें.

टाइट अंडरवियर पहनने से बचें.

नोट- हम समझते हैं कि शुक्राणुओं की संख्या में कमी पुरुषों के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण समस्या है, जिसे हल करने की आवश्यकता है. इस लेखक में हम आपको शुक्राणु की संख्या बढ़ाने के उपाय के बारे में बताए हैं जिसे अपनाकर आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं.

यह लेख शैक्षनिक उद्देश्य से लिखा गया है किसी भी प्रयोग से पहले आप योग्य चिकित्सक की सलाह एक बार जरूर लें. धन्यवाद.

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मैं आयुर्वेद चिकित्सक हूँ और जड़ी-बूटियों (आयुर्वेद) रस, भस्मों द्वारा लकवा, सायटिका, गठिया, खूनी एवं वादी बवासीर, चर्म रोग, गुप्त रोग आदि रोगों का इलाज करता हूँ।

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